शहर के दो पंपिंग सेटों की मरम्मत के नाम पर तकरीबन नौ लाख रुपये के घपले का मामला सामने आया है। पार्षद की शिकायत पर नगर आयुक्त ने अब तक हुए कामों की फाइलें मंगवाई है। प्रथम दृष्टया मामला गोलमाल का लगने पर नगर आयुक्त ने जांच का आदेश भी दे दिया है।
शहर में इकट्ठा पानी को नदी में डालने के लिए नौ पंपिंग स्टेशन हैं। इनमें इलाहीबाग और डोमिनगढ़ पंपिंग स्टेशन भी है। बाढ़ आने या जल भराव की स्थिति में इन्हंीं की मदद से शहर का पानी बाहर किया जाता है। बीते साल पंपिंग सेट में खराबी की बात कहकर अफसरों ने करीब नौ लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कराकर भुगतान भी करा लिया। इस साल फिर बाढ़ की आशंका जताते हुए पंपिंग सेट को सही कराने के नाम पर नौ लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार हो गया।
बड़ी बात तो यह कि प्रस्ताव पर मोहर लगने और इसकी निविदा के लिए आदेश भी जारी कर दिया गया। इस पर जब पार्षद मनोज सिंह की नजर पड़ी तो उन्होंने नगर आयुक्त से शिकायत की। मामला गंभीर होने पर नगर आयुक्त ने भी पिछले साल पंपिंग स्टेशन पर कराए गए कामों से जुड़ी फाइलें मंगवा ली है और पड़ताल शुरू कर दी है।
शिकायत के बाद इस संबंध में सभी फाइलें तलब की गई है। साथ ही मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा, अगर गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई तय है।
- बीएन सिंह, नगर आयुक्त
फंसेंगे कई अफसर
पंपिंग सेट का घोटाला सामने आने के बाद कई अफसरों की सांसें टंग गई हैं। मामले के जांच का आदेश होते ही पैरवी का दौर भी शुरू हो गया है। नगर निगम के एक जिम्मेदार अफसर की मानें तो अगर गंभीरता से जांच हुई तो कई अफसर इसकी चपेट में आएंगे। कई पार्षदों का भी कहना है कि बिना अफसरों के मिलीभत से इतना बड़ा खेला संभव ही नहीं है।