गोरखपुर थियेटर एसोसिएशन के तत्वावधान में रैंपस स्कूल में साप्ताहिक रंगमंचीय आयोजन के क्रम में रविवार की शाम नाटक का मंचन किया गया। कथाकार मुंशी प्रेमचंद के शहर आगमन के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इप्टा के कलाकारों ने उनकी कृति ‘सौत’ का मंचन किया। कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय से जान फूंक दी।
इसका निर्देशन डॉ. मुमताज खान ने किया। यह नाटक रजिया नाम की स्त्री के स्वाभिमान, संघर्ष और त्याग की कहानी है। जब रजिया के चार बच्चे होकर मर जाते हैं तो पति रामू का लगाव उसके प्रति कम होने लगता है। दूसरी शादी की धुन में एक दिन वह रजिया को घर से निकाल देता है। दूसरी पत्नी दासी जिसे प्यार से वह दसिया कहता था, सुंदर व जवान थी। दसिया से अपने स्वामित्व अधिकार को बचाने की लाख कोशिश में रजिया असफल रहती है और अंतत: उसे घर छोड़कर जाना पड़ता है। गांव वालों के समझाने के बावजूद भी रामू किसी की नहीं सुनता। रजिया कड़ी मेहनत के बल पर फिर से छोटी सी गृहस्थी के साथ-साथ खेती बढ़ा लेती है और गायें भी पाल लेती है।
दूसरी ओर रामू की बेकारी से परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होती जाती है। इसी बीच रामू की तबीयत खराब हो जाती है। दसिया से उसे एक पुत्र पैदा होता है, मगर परिवार की सारी जमा पूंजी रामू के इलाज में खर्च हो जाती है। अब रामू को रजिया की कमी खलने लगती है क्योंकि वही परिवार का खर्च चलाती थी। अंतिम दिनों में रामू रजिया से मिलने के लिए तरसने लगता है। रजिया भी रामू से मिलना चाहती है। वह रामू के घर जाती है, लेकिन तब तक वह मर जाता है। रजिया अपने स्त्री दायित्व का निर्वहन करते हुए दसिया व बच्चे को अपना लेती है।
परिधान एवं मंच परिकल्पना सीमा मुमताज व रूप सज्जा रामबहाल की रही। नाटक में रजिया की भूमिका रीना श्रीवास्तव, दसिया की भूमिका सोनी निगम और रामू महतो की भूमिका एस रफ त हुसैन ने निभाई। अन्य भूमिकाओं में धर्मेंद्र दूबे, विनोद चंद्रेश, आसिफ सईद, संजय सत्यम, तनवीर आजाद, मृत्युंजय शंकर सिन्हा आदि ने वाहवाही लूटी।