ब्लॉक प्रमुख चुनाव को समाजवादी पार्टी ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर हर ब्लॉक पर कब्जे के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सपा के दिग्गज नेता काफिले के साथ गांवों में उतर गए हैं। दल के समर्थित प्रत्याशी की जीत कैसे सुनिश्चित हो इसके लिए रास्ते तलाशे जा रहे हैं। इसके लिए सत्ता का भी दबाव बनाया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी ने जिले के सभी 19 ब्लॉकों में अपने प्रत्याशी मैदान में उतार कर अपनी मंशा जाहिर कर दी है कि वह हर हाल में इस पर पूरी तरह से काबिज होना चाहती है। इसके लिए उसने हर हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं। एक ब्लॉक पर एक सपा नेता के परिवार का कब्जा रहा है। उसको चुनौती देने के लिए एक व्यक्ति मैदान में उतरा तो एक पूर्व मंत्री ने मदद का भरोसा दिया। ताकत लगाया तो चुनाव प्रचार के दौरान ही दोनों पक्ष आमने सामने हो गए। सपा नेता के खेमे के लोगों ने मंत्री समर्थित प्रत्याशी को जम कर पीटा। उसकी प्राथमिकी दर्ज की गई तो दूसरी तरफ से भी मुकदमा पीड़ित के खिलाफ दर्ज हो गया। नामांकन के दिन हालात ऐसे बने कि मंत्री समर्थक ने अपना नामांकन ही नहीं किया। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
शुक्रवार को प्रदेश सरकार के एक पूर्व मंत्री दो दर्जन गाड़ियों के काफिले के साथ एक ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी के प्रचार के लिए क्षेत्र में पहुंच गए। जिसकी मदद में पूर्व मंत्री घूमे, उस पर दर्जन भर से अधिक हत्या का मुकदमा दर्ज है। बावजूद इसके वह उसे बेदाग और उसके मुकाबले मैदान में उतरे प्रत्याशी के सरपरस्त को सामंतवादी करार देते हुए जमकर हमला बोला। कहा कि सपा ने उसे टिकट इस लिए दिया है कि यह क्षेत्र का विकास बेहतर तरीके से करेगा। पार्टी के संगठन के जिले के बड़े नेता भी गांव की गलियां में घूमकर बीडीसी की तलाश कर रहे हैं। इतना ही नहीं उनके बारे में विरोधी इस तरह का प्रचार कर रहे हैं कि वह शासन, सत्ता का खुला दुरुपयोग कर रहे हैं। वह अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए जी जान से लगे हुए हैं वह बार -बार सत्ता की धमक दिखना चाह रहे हैं।
संगठन के एक और पदाधिकारी जिनके परिवार में जिले की एक महत्वपूर्ण कुर्सी पहुंची है पार्टी को और मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक ब्लॉक प्रमुख जिताने के लिए पूरा जोर लगा दिए हैं। कई दिनों से लगातार वह अपने दल-बल के साथ घूम-घूमकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों से संपर्क कर पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए जोर लगा रहे हैं। सच यह है कि जो भी नेता सपा का जहां जा रहा है सब लोग सत्ता की हनक दिखाना चाह रहे हैं। परिणाम क्या होगा इसके लिए दो दिन का इंतजार करना होगा।