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स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को सलामी देना गौरवमयी पल, एयरफोर्स के वायु योद्धाओं ने साझा किए अनुभव

Fri, 16 Nov 2018 09:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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भारतीय वायु सेना - फोटो : अमर उजाला
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गुजरात के नर्मदा नदी पर स्थापित लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की दुनिया के सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर) को सलामी देकर लौटे एयरफोर्स स्टेशन गोरखपुर के वायु योद्धाओं ने इसे कभी न भूलने वाले पल बताया।
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आठ सदस्यीय टीम ने कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि रक्षा मंत्रालय ने उन्हें पहली बार दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के सामने आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए देश का झंडा बुलंद करने का सुनहरा मौका मुहैया कराया। वे आगे भी ऐसे राष्ट्रीय स्तर के अभियानों में एयरफोर्स स्टेशन का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं।

शुक्रवार को एयरफोर्स स्टेशन गोरखपुर में मीडिया से रूबरू होते हुए इस अभियान के टीम लीडर विंग कमांडर एनएस पन्नू ने बताया कि इस गौरवशाली क्षण का भागीदार बनने में स्वदेशी पी किरण मार्क टू एयरक्राफ्ट का सहारा लिया गया था। एक घंटे की उड़ान के दौरान एयरफोर्स स्टेशन के तीन एयरक्राफ्ट सूर्यकिरण ने आसमान में तिरंगे की छटा बिखेरी।
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सबसे पहले विंग कमांडर नवजोत सिंह पन्नू और स्क्वाड्रन लीडर बीएस रंधवा ने शांति के प्रतीक सफेद, फिर विंग कमांडर पी कश्यप और विंग कमांडर विवेक सिंह ने देशभक्ति केसरिया और विंग कमांडर वरद अग्रवाल और विंग कमांडर एसके मिश्रा ने समृद्धि के सूचक हरे रंग से सरदार पटेल को सलामी दी। जमीन पर इंजीनियरिंग विभाग की स्क्वाड्रन ममथा डी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रतिभा उनियाल ने टीम को तकनीकी रूप से मजबूती प्रदान की।
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चुनौतीपूर्ण था मिशन

आठ सदस्यीय टीम के सदस्यों ने बताया कि गौरवशाली मिशन को पूरा करने के दौरान काफी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। सरदार पटेल की प्रतिमा से सटे ही दोनों तरफ काफी ऊंचे पहाड़ थे। हवा में तेज रफ्तार एयरक्राफ्ट को मोड़ने में परेशानी आ रही थी, मगर टीम ने फाइनल प्रजेंटेशन से पहले तीन मर्तबा इसका बखूबी अभ्यास किया। उसका फायदा मिला और सकुशल मिशन पूरा हुआ।

ट्रेनी एयरक्राफ्ट है सूर्यकिरण
एयरफोर्स स्टेशन के जनसंपर्क अधिकारी ग्रुप कैप्टन आयुष कटियान ने बताया कि सूर्यकिरण एक ट्रेनी एयरक्राफ्ट है। उसका इस्तेमाल पायलट को प्रशिक्षण देने के साथ ही एयर शो के दौरान हैरतअंगेज करतब दिखाने के लिए किया जाता है। एक बार में इस एयरक्राफ्ट में 75 लीटर डाई भरी जाती है, जो आसमान में 10 मिनट तक लगातार रंग बिखेरती हैं। यह एयरक्राफ्ट 500 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आसमान में उड़ान भर सकता है।
 
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