गोरखपुर शहर में निजी कार्यक्रमों में ड्रोन कैमरों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। अब बिना अनुमति इसका इस्तेमाल करने पर कार्रवाई होगी। साथ ही मुख्यमंत्री या किसी अन्य वीआईपी के शहर में रहने के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, खासकर उन इलाकों में जहां पर वीआईपी का कार्यक्रम हो। इसकी निगरानी के लिए एक इंस्पेक्टर को शामिल करते हुए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसे उड़न दस्ता का नाम दिया गया है।
शहर में ड्रोन कैमरों की तादाद बढ़ती जा रही है। विवाह से लेकर अन्य निजी कार्यक्रमों में लोग ड्रोन कैमरों का बिना अनुमति इस्तेमाल कर रहे हैं। यही वजह है कि प्रशासन के पास भी शहर में मौजूद ड्रोन कैमरों के बारे में सही जानकारी नहीं है।
इससे सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा खड़ा होने लगा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कई बार ऐसा हुआ है कि वीआईपी प्रोग्राम के दौरान आसपास एरिया में ड्रोन का इस्तेमाल पाया गया। हालांकि किसी के खिलाफ अब तब कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन इससे खतरे को देखते हुए चुनौती से निपटने का प्लान तैयार किया गया है।
तीन सौ मीटर के दायरे में नजर रखेगी एंटी ड्रोन टीम
ड्रोन कैमरों से सुरक्षा व्यवस्था पर मंडरा रहे खतरे के मद्देनजर एंटी ड्रोन टीम का गठन किया गया है। इसमें एक इंस्पेक्टर सहित चार पुलिस कर्मचारियों को शामिल गया है। एसएसपी डॉ सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि वीआईपी कार्यक्रम के दौरान ड्रोन के जरिए आसपास की गतिविधियों पर नजर रख रहे पुलिस कर्मचारी किसी तरह के खतरे की आशंका होने पर तत्काल आगाह करेंगे। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में इसे विशेष रूप से लागू किया जाएगा। इसके लिए अलग से एडवाजरी भी जारी की गई है। एसएसपी का कहना है कि बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है, इसलिए ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।