जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में आए मरीज से वसूली हो गई। थोड़ी देर बाद तीमारदारों को ठगी का एहसास हुआ तो वह हंगामा करने लगे। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत एसआईसी से की है। इसके अलावा शासन के टोल फ्री नंबर पर भी भाई ने शिकायत दर्ज कराई है।
महिला अस्पताल में इलाज की सहूलियत के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टरों को अटैच किया गया है। यह डॉक्टर अब सरकारी ओपीडी में बैठकर वसूली कर रही है। आए दिन ही प्राइवेट पैथोलॉजी के लोगों का दखल अस्पताल में सामने आ रहा है। शुक्रवार को तो सारी हदें ही पार हो गई। इस बार डॉक्टर ने पैथोलॉजी का कार्ड पकड़ाने की जगह सीधे दलाल को ही बुला दिया और अपने सामने ही ब्लड सैंपल दिलाया।
भरवलिया के रहने वाले अभय शंकर पांडेय बहन को लेकर करीब दस बजे महिला अस्पताल पहुंचे थे। ओपीडी कक्ष संख्या 9 में बैठी डॉक्टर ने पहले तो प्राइवेट अस्पताल जाने की सलाह दी। मरीज ने सरकारी अस्पताल में ही प्रसव की इच्छा जताई तो डॉक्टर जरूरी जांच बता डाली। जो जांच अस्पताल में मुफ्त में होती उसके लिए उन्होंने एक प्राइवेट पैथोलॉजी के कर्मचारी को बुला दिया। भाई के मुताबिक आए कर्मचारी ने ब्लड सैंपल लिया और 600 रुपये की मांग की। मुझे तब मालूम नहीं था और 600 रुपये दे दिया। बाद में पता चला कि सरकारी पैथोलॉजी में सारी जांचें मुफ्त है।
प्राइवेट वसूली से सरकारी कर्मचारी परेशान
महिला अस्पताल के पैथोलॉजी में सारी जांचें मुफ्त होती है। मगर आए दिन डॉक्टरों की मदद से हो रही वसूली की शिकायत जब शासन तक होती है तो यह बात ही नहीं तय हो पाता है कि वसूली हुई कहा। क्योंकि शिकायतकर्ता सीधे यही बताता है कि महिला अस्पताल में रुपये लिए गए। शुक्रवार को इस खेल का पर्दाफाश हुआ।
चार डॉक्टर समेत आठ को नोटिस
महिला अस्पताल की ओपीडी में प्रसव कराने के मामले में एसआईसी ने चार डॉक्टरों को नोटिस जारी की है। वहीं मंत्री के सामने हुई 500 रुपये की वसूली में दो नर्स और दो दाई को नोटिस जारी की गई है। समय से पहले इमरजेंसी छोड़कर जाने वाली डॉ. दीपिका और ओपीडी में मौजूद रहीं डॉ. पूनम मिश्रा, डॉ. सेविका अस्थाना सहित चार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। शिकायतकर्ता अनीता चतुर्वेदी ने कहा था कि प्रसव के दौरान 2500 रुपये के अलावा सभी दाई ने 100-100 रुपये लिए थे। करीब पांच हजार की वसूली हुई थी। इस मामले में स्टाफ नर्स संगीता खान, एचवी राधिका मिश्रा, वार्ड ब्वाय चंपा, बिंदु, अजीबून को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
यह गंभीर मामला है। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सही पाया गया तो सीएमओ को पत्र लिखकर इन डॉक्टरों को यहां से हटाने को कहेंगे।
डॉ. एके गुप्ता, एसआईसी, महिला अस्पताल