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नगर निगम बोर्ड बैठक में वंदे मातरम पर हंगामा

Sun, 02 Apr 2017 01:08 AM IST
राजन राय, अमर उजाला, गोरखपुर।
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नगर निगम बोर्ड बैठक के दौरान हंगामा करते पार्षद। - फोटो : Amar Ujala
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नगर निगम की शनिवार को कॉन्फ्रेंस हाल में हुई बोर्ड बैठक में उस वक्त हंगामा हो गया जब मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने सभी को वंदे मातरम के लिए खड़े होने को कहा। ऐसा सुनकर कई पार्षदों हंगामे पर उतर आए। उनका कहना था कि वंदे मातरम करने से विकास नहीं होगा। ऐसे में कई मिनटों तक हो-हल्ला के बीच वार्ड नंबर 60 के इलाहीबाग के पार्षद मो. अख्तर वंदे मातरम का विरोध करते हुए हाल से बाहर निकल गए और जाते-जाते अपनी कुर्सी भी पटक दी और माइक टेबल पर फेंक मारा। मेयर और नगर आयुक्त शांति बनाए रखने अपील करते रहे, मगर हंगामा खत्म न हुआ। इस बीच कई और पार्षद भी हाल से बाहर निकल गए।
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इन हंगामों के बीच वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए 2.5 अरब रुपये के बजट भी पास कर दिया गया। बोर्ड की बैठक में पार्षदों द्वारा खर्च किए जाने वाली राशि को भी 16-21 लाख रुपये तक बढ़ा दी गई। यह रकम अब 26 से 31 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि पथ प्रकाश के लिए तीन लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। कुछ पार्षदों ने वार्डों के विस्तार के लिए कुछ पुराने गांवों के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया तो मेयर ने एक सप्ताह में सूची देने को कहा।

मेयर डॉ. सत्या पांडेय और नगर आयुक्त बद्रीनाथ सिंह की अध्यक्षता में दोपहर एक बजे बोर्ड की बैठक शुरू हुई थी। मगर शुरू से ही पार्षद अपने वार्डों के अधूरे कामों को लेकर हंगामे पर उतर आए। मेयर ने बोलने का मौका देने की बात कही, मगर जैसे-जैसे वह नगर निगम की उपलब्धियां गिनाती जा रही थीं, पार्षदों का हल्ला तेज होता जा रहा था। बैठक में मुख्य कर अधिकारी रबीश चंद्र, मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र, सहायक नगर आयुक्त संजय शुक्ला, मुख्य लेखाधिकारी बृजेश सिंह सहित पार्षद उपस्थित थे।
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लोकप्रियता के लिए कराया वंदे मातरम : जियाउल इस्लाम 
नगर निगम के पूर्व उपसभापति और वार्ड नंबर 68 मुक्तीपुर के पार्षद जियाउल इस्लाम का आरोप है कि मेयर ने सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए बोर्ड बैठक के अंत में वंदे मातरम में खड़े होने को कहा है। उन्होंने कहा कि उनके पौने पांच वर्ष कार्यकाल के दौरान कभी भी बोर्ड बैठक में वंदे मातरम नहीं कराया गया, फिर इस बार इसकी जरूरत क्यों पड़ गई। मेरठ नगर निगम की तर्ज पर खड़े होकर वंदे मातरम करने की बात कहकर सिर्फ कुछ लोगों को परेशान करने के लिए ऐसा किया गया है। वहीं मनोनीत पार्षद मो. शाहिद अंसारी ने कहा कि वंदे मातरम के लिए किसी को मजबूर नहीं किया जा सकता है।
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