दिवानी कचहरी के पास प्रदर्शन कर रहे पटरी व्यवसायियों को महिला पुलिस न होने पर अधिकारियों ने स्वयं हटाया ।
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दीवानी कचहरी के पास स्थित जिला पंचायत की जमीन पर निर्माण को लेकर पटरी व्यवसायियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उसके बाद भी काम नहीं रुका तो वे सड़क पर धरना देने लगे। उसमें से कुछ सांसद आदित्यनाथ के पास पहुंचे। सांसद ने अपर मुख्य अधिकारी से बात कर कहा कि पटरी दुकानदारों के साथ अन्याय नहीं होनी चाहिए।
बता दें कि दीवानी कचहरी के पास जिला पंचायत का डाक बंगला था। जो बहुत पहले ध्वस्त हो गया था। जब दीवानी न्यायालय में नए भवन का निर्माण होने लगा तो और जमीन की आवश्यकता महसूस हुई। शासन के निर्देश पर जिला पंचायत की जमीन दे दी गई। जिस पर न्यायालय द्वारा बाउंड्रीवाल करा दिया गया। शेष जमीन जिला पंचायत की उसी तरह से पड़ी रही। जब साधना सिंह अध्यक्ष थी तो उस पर तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी आरएस यादव ने बिना अध्यक्ष को विश्वास में लिए दुकानों का निर्माण करा दिया जिसे अध्यक्ष ने रोकवा दिया। उसी दौरान सेण्ट्र एंड्रयूज रोड पर लगने वाली सब्जी मंडी को प्रशासन ने हटाया तो पटरी व्यवसायियों को नगर निगम वहीं ले जाकर खड़ा कर दिया।
लगभग एक माह पूर्व उसी जमीन पर जिला पंचायत की तरफ से बाउंड्रीवाल की प्रक्रिया शुरू हुई तो पटरी व्यवसायियों ने बवाल काटना शुरू कर दिया। इस पर प्रशासन ने हस्तक्षेप कर काम को रुकवा दिया। उसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की तरफ से जिलाधिकारी को सभी कागजात दिखाए गए। कहा कि यह पूरी जमीन जिला पंचायत की है। इस नाते उस पर कार्य कराया जा रहा था। आखिर प्रशासन ने किस आधार पर कार्य को रोक दिया। एक माह बाद एक बार फिर जिला पंचायत की तरफ से कार्य शुरू हुआ तो दुकानदारों ने फिर हंगामा खड़ा कर दिया। इतना ही नहीं महंत आदित्यनाथ के पास पहुंच कर अपनी फरियाद की तो उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी को कहा कि इनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। यदि उन्हें बेदखल किया जा रहा है तो कहीं अन्यत्र व्यवस्था होनी चाहिए।
अपर मुख्य अधिकारी एसके सिंह ने सांसद से कहा कि वह अभी पायलिंग करवा रहे हैं। उनको खदेड़ नहीं रहे हैं। वह जिला पंचायत की जमीन है इस नाते वह उस पर कार्य करा रहे हैं। उनकी बाउंड्री के बाद जो जमीन है उस पर वे अपना दुकान लगाएंगे। फिलहाल अभी वे लोग जहां है वहां पर रहे। एएमए ने कहा कि अब तक 20 पिलर का फाउंडेशन जमीन के नीचे कराया जा चुकाहै। पूरे कार्य की वीडियोग्राफी करा रहे हैं। सरकार जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर सख्त है। दूसरी तरफ अवैध कब्जे का प्रयास हो रहा है। इसे कैसे बर्दास्त किया जाएगा।