एक नैनो कार के दो दावेदारों को परिवहन विभाग ने कार के साथ कार्यालय बुलाया है ताकि चेसिस नंबर और इंजन नंबर चेक किया जा सके। इसके साथ ही तीसरे व्यक्ति को भी बुलाया गया है जिससे वह अपना पक्ष आरटीओ के समक्ष रख सके। अब तक की जांच में पता चला है कि दोनों बार अलग-अलग लिपिक के हस्ताक्षर से गाड़ी ट्रांसफर हुई। इसके लिए रिटायर्ड हो चुके लिपिक रमा शंकर यादव के पासवर्ड का इस्तेमाल किया गया।
शाहपुर क्षेत्र के बशारतपुर निवासी दीनानाथ सिंह के पुत्र मनोज कुमार सिंह का आरोप है कि 19 जनवरी 2012 को उनकी नैनो कार का रजिस्ट्रेशन आरटीओ में हुआ था। गाड़ी का नंबर यूपी 53 एवाई 7028 है। मनोज ने अपनी कार किसी को बेच दी। जब वे ट्रांसफर कराने आरटीओ कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि यह गाड़ी पहले ही बेची और ट्रांसफर की जा चुकी है। प्रथम दृष्टया जांच से पता चला कि 11 अक्टूबर 2013 को कार कैंट क्षेत्र के नहर रोड मोहद्दीपुर निवासी रामाशंकर सिंह के पुत्र अशोक सिंह के नाम पर ट्रांसफर हुई।
इसके बाद 11 जुलाई 2014 को यही कार आरटीओ कैंपस के राम प्रवेश मणि को ट्रांसफर हुई। इस मामले की जांच कर रहे एआरटीओ प्रशासन सूरज रामपाल ने वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर अपनी-अपनी गाड़ी लेकर कार्यालय पहुंचने को कहा है ताकि चेसिस और इंजन नंबर चेक किया जा सके।