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आरपीएफ डीजी की समीक्षा बैठक

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पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते रेलवे सुरक्षा बल क?
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चेन पुलिंग में 18 फीसदी कमी, अभी तेज करें निगरानी
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गोरखपुर। रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में ट्रेनों में चेनपुलिंग और टिकट दलालों की सक्रियता ज्यादा है। इस पर प्रभावी अंकुश लगाना प्राथमिकता में है। इसके लिए मानीटरिंग तेज करने की जरूरत है। ट्रेनों के एस्कोर्ट के पैटर्न में बदलाव किया गया है, इससे चेन पुलिंग में 18 फीसदी की कमी आई है।
महानिदेशक ने पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक कक्ष में महाप्रबंधक एवं आरपीएफ अधिकारियों, जीआरपी अधिकारियों के साथ मंगलवार को समीक्षा बैठक के दौरान कई निर्देश दिए। इसी क्रम में रेलवे सुरक्षा बल प्रशिक्षण में सुरक्षा सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। महानिदेशक ने कहा कि आरपीएफ, जीआरपी, वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही आईआरसीटीसी के अधिकारियों को भी ट्रेन और स्टेशन की निगरानी में लगाया गया है।
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इसके अलावा अपराध के मामले में प्रत्येक केस की जांच आरपीएफ को बेहतर तरीके से करना होगा, ताकि अपराध रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में रेलवे सुरक्षा बल की ओर से लावारिस बच्चों, वृद्ध एवं असहाय यात्रियों की लगातार सहायता की जा रही है। इससे आरपीएफ की छवि अच्छी बनी है। महानिदेशक ने प्रमुख विभागाध्यक्षों से भी सुझाव मांगे। महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने कहा कि आरपीएफ रेल संपत्तियों व रेल परिसरों की सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम, लावारिस बच्चों की देखभाल तथा यात्रियों की सहायता के मामले में बहुत अच्छा कार्य कर रही है। प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त अतुल श्रीवास्तव ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से आरपीएफ की कार्यप्रणाली को विस्तार से बताया।
रेलवे सुरक्षा बल प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित सुरक्षा सम्मेलन में महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि हमें टीम भावना से कार्य करते हुए यात्रियों की सुरक्षा बनाए रखनी है। सभी सुरक्षा बल कर्मी नई तकनीकी को समझें व उसे उपयोग में लाते हुए यात्रियों की सुरक्षा व उनका सहयोग करें। साथ ही तनाव रहित होकर कार्य करें। महानिदेशक ने सुरक्षा बल कर्मियों की समस्याएं सुनीं तथा उन्हें दूर करने के निर्देश दिए। सम्मेलन का संचालन मुख्य सुरक्षा आयुक्त एसके सैनी ने किया।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि देश के 202 रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा में करीब 3000 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवॉल बनाने की योजना है। इसमें पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर, लखनऊ और छपरा स्टेशन शामिल हैं। कई स्टेशनों पर काम शुरू भी हो गया है। इसके बनने के बाद स्टेशनों पर प्रवेश के खुले क्षेत्र पूरी तरह बंद हो जाएंगे और सुरक्षा चौकस होगी।
गोरखपुर आए महानिदेशक मंगलवार को समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि मुंबई में वर्ष 2008 में हुए आतंकी हमले के बाद से ही रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा को लेकर मंथन चल रहा है। स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे, लगेज स्कैनर मशीन, मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं।
महानिदेशक ने बताया कि आरपीएफ में समय से पदोन्नति के लिए कई कदम उठाए गए हैं। कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल के पदोन्नति में सबसे ज्यादा देरी होती है। कई रेलवे जोन में पाया गया कि पदोन्नति में 20 साल तक लग गए हैं। अब इसे सुधारने के उपाय किए जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि आरपीएफ एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति को भेजा गया है। इसके तहत आरपीएफ भी जहरखुरान समेत रेलवे संपत्ति व यात्रियों को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर सकेगी। इससे जहरखुरानों पर अंकुश लगाने में कामयाबी मिलेगी।
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