आजमगढ़ जाते समय इसी बस की सीट टूट गई थी
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परिवहन निगम यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। कंडम हो चुकी बसों को नीलाम करने के बजाए उसे लंबी दूरी की रूटों पर चला रहा है। आजमगढ़ में हुए हादसे के बाद इसकी पोल खुल गई है। हालांकि क्षेत्रीय प्रबंधक ने आनन-फानन में जांच का आदेश दे दिया है, लेकिन हकीकत में वर्कशॉप में बसों की मरम्मत का काम ठीक से नहीं होने की बात सामने आने लगी है।
रोडवेज बसों की मरम्मत में बरती जा रही लापरवाही सामने आने लगी है। रोडवेज के कुछ चालकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वर्कशॉप में बसों की कमियां बताने पर फोरमैन से लेकर अन्य कर्मचारी नाराज हो जाते है जिसका खामियाजा रास्ते में चालक-परिचालकों को उठाना पड़ता है। सोमवार को रोडवेज की बस संख्या यूपी 53 बीटी 4101 में हादसे की वजह भी सही से मरम्मत न होना बताया जा रहा है। बस की सीट जिस जगह से टूटी थी वहां वेल्डिंग किया गया था।
चालको-परिचालकों ने किया प्रदर्शन
हादसे के बाद चालक-परिचालक की पिटाई से नाराज रोडवेज के चालकों व परिचालकों ने कचहरी बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया। चालक ध्रुव तिवारी और परिचालक श्रीप्रकाश का आरोप था कि दूसरों की गलती की सजा उन्हें भुगतनी पड़ी। अधिकारी भी चालकों की शिकायत को नजरअंदाज कर देते है। जबकि वर्कशॉप में बताई गई समस्याओं को दूर नहीं किया जाता है।
हादसे की जांच करवाई जाएगी। बस चलने की स्थिति में थी या नहीं इसकी भी जांच होगी। गलती वर्कशॉप में हुई या चालक की स्पीड तेज थी। हर प्वाइंट से जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- सुग्रीव कुमार राय, क्षेत्रीय प्रबंधक