चुनाव ड्यूटी में रोडवेज की बसों के चले जाने पर यात्रियों की दुश्वारियां बढ़नी तय हैं। बस्ती और गोरखपुर मंडल से 280 बसें चुनावी ड्यूटी में जाएंगी। दोनों मंडलों के विभिन्न डिपो से दस बसें चुनावी ड्यूटी में जा भी चुकी हैं। इससे यात्रियों की दिक्कतों को रोडवेज के अधिकारी भी स्वीकार करते हैं। इसके बावजूद उनका दावा है कि वे यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेंगे।
बस्ती और गोरखपुर मंडल के आठ डिपो में रोडवेज की 450 बसें हैं। इनमें 140 बसें बस्ती और उतनी ही बसें गोरखपुर मंडल से चुनाव ड्यूटी में भेजी जानी है। दोनों मंडलों के गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, निचलौल और पडरौना डिपो से दो-दो बसें चुनावी ड्यूटी में चली भी गई हैं। इसके अलावा दस बसें 31 जनवरी को जाएंगी। इस तरह चुनाव के नजदीक आने पर रोडवेज के पास दोनो मंडलों में 170 बसें ही शेष बचेंगी। गोरखपुर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आरके मंडल ने बताया कि मांग के अनुरूप बसें भेजी जा रही हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक एसके राय ने माना इतनी अधिक संख्या में बसों के चुनाव में चले जाने पर यात्रियों को दिक्कतें हो सकती हैं लेकिन यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
ड्राइवर जाएंगे कंडेक्टर नहीं
चुनाव ड्यूटी में केवल ड्राइवरों को ही भेजा जाएगा। कंडेक्टर नहीं जाएंगे। इससे कंडेक्टरों को चुनाव तक आराम करने का मौका मिलेगा। क्षेत्रीय प्रबंधक एसके राय ने बताया कि स्थायी ड्राइवर ही बसों को लेकर चुनावी ड्यूटी में जाएंगे।
एक बस का किराया 19 हजार रुपए प्रतिदिन
रोडवेज महकमा निर्वाचन विभाग से एक बस करीब 19 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से किराया वसूल करेगा। गोरखपुर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आरके मंडल ने बताया कि बस, ड्राइवर के साथ ही डीजल भी रोडवेज अपनी तरफ से भराएगा। वह निर्वाचन विभाग से 19 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से चार्ज करेगा। बताया कि बिल निर्वाचन विभाग को चुनाव के बाद भेजा जाएगा।