दो और चार पहिया वाहनों के रोड टैक्स चोरी की गड़बड़ी परत दर परत खुलती जा रही है। गोरखपुर के अलावा महराजगंज और देवरिया में भी यह मामला पकड़ में आया है। उप परिवहन आयुक्त (डीटीसी) देवेंद्र कुमार त्रिपाठी डेढ़ साल में पंजीकृत गाड़ियों की सूची आरटीओ प्रवर्तन डॉ. एके गुप्ता को सौंप दी है और जांच करने का निर्देश दिया है।
दोपहिया और चार पहिया वाहनों की कीमत को कम दिखाकर रोड टैक्स चोरी का मामला सोनभद्र से उजागर हुआ था। डीटीसी देवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने सोनभद्र में मामला पकड़ने के बाद नौ लाख रुपये टैक्स चोरी की रकम जमा कराने के बाद दोषी लिपिक को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद परत दर परत मामला खुलता गया। गोरखपुर में भी चार और दो पहिया वाहनों में भी गड़बड़ी मिली।
शनिवार को गोरखपुर निरीक्षण करने पहुंचे डीटीसी देवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने डेढ़ साल के अंदर में जितनी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ था उसकी सूची अपने साथ लाए थे। डीलरों के साथ बैठक कर देवेंद्र ने उनके द्वारा की गलतियों को सामने लाने के बाद चेतावनी दी थी कि इसके बाद अगर गड़बड़ी मिली तो उनका डीलरशिप लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। देवेंद्र की जांच में देवरिया और महराजगंज में भी इसी तरह की गड़बड़ी मिली है। जिसकी जांच शुरू कर दी गई है।
वाहन एजेंसी से मांगी गई जानकारी
पैडलेगंज स्थित वाहन एजेंसी से महराजगंज परिवहन विभाग ने नोटिस भेजकर दो कारों के संबंध में जानकारी मांगी है। एआरटीओ प्रशासन महराजगंज ने मेसर्स बीआर हुंडई पैडलेगंज से यूपी 56 आर 0002 जिसकी बिक्री 23 जनवरी 2016 को तथा यूपी 56 एस 0099 जिसकी बिक्री सात अप्रैल 2016 को हुई थी, इसके संबंध में जानकारी मांगी है। नोटिस में इस बात का जिक्र किया गया है कि दोनों वाहनों का मॉडल एक ही है लेकिन दोनों की इन्वाइस कास्ट में भारी अंतर है। एजेंसी को एक सप्ताह के अंदर इसका जवाब भेजना होगा।
'रोड टैक्स चोरी की पूरी सूची आरटीओ प्रवर्तन डॉ. एके गुप्ता को दिया गया है। टैक्स चोरी की की रिकवरी की जाएगी। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'
- देवेंद्र कुमार त्रिपाठी, डीटीसी