मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित आरएनटीसीपी (संभागीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र) से अफसरों और सीबीआई का कब्जा हटेगा। प्रमुख सचिव ने भवन को खाली करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रमुख सचिव का पत्र आने के बाद आरएनटीसीपी के प्राचार्य ने अफसरों को कब्जा खाली करने की नोटिस भेज दिया है।
आरएनटीसीपी का इस्तेमाल गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ को प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बीते 20 साल से इसी केंद्र के भवन के एक हिस्से में स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक का कार्यालय अस्थाई तौर पर शुरू किया गया। इसके बाद सहायक निदेशक मलेरिया और यूनिसेफ का कार्यालय भी खोला गया। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की जांच के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भी सात कमरों में कैंप कार्यालय खोल लिया। यह सभी एजेंसियां आज तक आरएनटीसीपी के कमरों पर काबिज हैं।
बता दें कि एडी कार्यालय के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में नया भवन बन कर तैयार हो चुका है। शासन ने नए भवन में बिजली का कनेक्शन लगाने के लिए एडी को 21 लाख रुपये भी मिल चुके हैं। बावजूद इसके एडी नए भवन में शिफ्ट होने को तैयार नहीं हैं। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। प्रमुख सचिव ने 17 मई को एडी को पत्र लिखकर भवन खाली करने का निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव के पत्र के आधार पर आरएनटीसीपी के प्राचार्य ने भी 17 अगस्त को सीबीआई, एडी, यूनिसेफ और सहायक निदेशक मलेरिया को भवन का कब्जा छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया।