शहर में मेट्रो के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) और कांप्रेहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) तैयार करने के लिए राइट्स की टीम 23 मई को गोरखपुर आ सकती है। जीडीए कार्यालय में राइट्स के लिए दफ्तर की जगह तय कर ली गई है। राइट्स की 50 लोगों की टीम इसी दफ्तर से मेट्रो के सर्वे का काम पूरा करेगी।
राइट्स के जीएम (सिविल एवं शहरी परिवहन) प्रेम रंजन ने बताया कि डीपीआर और सीएमपी तैयार करने में आठ महीने का वक्त लग सकता है। जीडीए में तय हुए कार्यालय से राइट्स डीपीआर और सीएमपी तैयार करने का काम आगे बढ़ाएगी। फिलहाल इसमें राइट्स के 50 लोग लगेंगे। जरूरत पर आउटसोर्सिंग पर भी लोगों से काम लिया जाएगा। राइट्स के प्रारंभिक निरीक्षण में गोरखपुर रेलवे स्टेशन से गोरखनाथ तक अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रैक बनाने की संभावना जताई गई थी। राइट्स के जीएम प्रेम रंजन ने बताया था कि घनी आबादी और तीन फ्लाईओवर के चलते यहां भूमिगत मेट्रो ट्रैक बनाना बेहतर होगा। इसके साथ ही कुल 30 में से 12 किलोमीटर ट्रैक भूमिगत होगा।
जंक्शन और बस अड्डे को जोड़ेगा भूमिगत स्टेशन
गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा। ऐसी जगह तलाशी जाएगी जहां से गोरखपुर जंक्शन और रेलवे बस स्टेशन लगभग बराबर दूरी पर हों। पूरे मेट्रो कॉरीडोर में हर एक किलोमीटर पर स्टेशन बनाए जाएंगे। जगह की उपलब्धता के आधार पर इनकी संख्या 28 से 32 हो सकती है।
मेट्रो डिपो के लिए तलाशनी होगी जमीन
मेट्रो के डिपो के लिए जमीन की व्यवस्था भी बड़ी चुनौती होगी। डिपो के लिए 25 हेक्टेअर जमीन की जरूरत होगी। शहर के भीतर इतनी जमीन मिलनी कठिन है। ऐसे में संभावना है कि मेट्रो ट्रैक के चारों कोनों में से एक पर डिपो निर्माण होगा।
इस रूट पर दौड़ेगी मेट्रो
0 बरगदवां से रेलवे स्टेशन
0 मेडिकल कॉलेज से रेलवे स्टेशन
0 रेलवे स्टेशन से सूबा बाजार
0 रेलवे स्टेशन से ट्रांसपोर्टनगर पुलिस चौकी के पास तक