शव को सड़क के बीच रखकर लगा दिया जाम
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रिटायर्ड फौजी गौरीशंकर तिवारी की गोली मारकर हत्या के दो दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी ना होने से नाराज ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। मंगलवार को रामजानकी मार्ग पर मंगलवार की सुबह साढ़े नौ बजे जाम लगा दिया।
जाम की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो। पुलिस के आश्वासन पर करीब दस बजे लोग शव की अंत्येष्टि को तैयार हुए फिर आवागमन शुरू कराया गया।
जानकारी के मुताबिक सीधेगौर गांव में जमीन के खरीद फरोख्त में लेनदेन को लेकर गांव के ही जमीन बेचने वाले व्यक्ति ने रिटायर्ड फौजी गौरीशंकर तिवारी के दरवाजे पर चढ़कर गोलियों से भून दिया गया था। जिससे उनकी मौत हो गई। शव पोस्टमार्टम के बाद कल रात शव घर सीधेगौर पहुंचा शव पहुंचते ही परिवार के साथ पूरे गांव के लोग दुखी हो गए। मंगलवार की सुबह ग्रामीणों के साथ शव लेकर सड़क जाम कर दिए।
बड़हलगंज कोतवाल भी फोर्स के साथ पहुंच गए। ग्रामीणों ने घटना के 36 घंटे बाद भी आरोपियों के नहीं पकड़े जाने पर आक्रोश जताया। पुलिस के जवानों में अफरा तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद कोतवाली प्रभारी रामाज्ञा सिंह ने लोगों को काफी समझाने बुझाने के साथ आश्वासन दिया कि बहुत जल्द आरोपी पकड़ लिए जाएंगे। तब जाकर करीब आधे घंटे बाद जाम हटा लिया गया।
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एकलौते पुत्र ने ने दी मुखाग्नि
क्षेत्र के सीधेगौर गांव में 08 दिसंबर की रात रिटायर्ड फौजी गौरीशंकर तिवारी का अंतिम संस्कार बड़हलगंज सरयू तट स्थित मुक्तिपथ पर मुखाग्नि उनके इकलौते पुत्र मनोज तिवारी ने देकर किया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल के अलावा गांव के लोग उपस्थित थे।