नोटों को लेकर बाजार में जारी अफरातफरी में लोग जायका भी भूल गए। मिठाई, आइसक्रीम से लेकर रेस्टोरेंट के चटपटे पकवान तक पर नोट बंदी का असर हुआ है। बाजार में छोटे नोटों की कमी के चलते एकाएक मिठाई की दुकानों, आइसक्रीम पार्लर और रेस्टोरेंट की रौनक घट गई। हालांकि, अब बाजार में छोटे नोट आने के बाद माहौल थोड़ा बदला है। खानपान की दुकानों पर आवाजाही बढ़ी है। लेकिन व्यापार को अभी पुराने ढर्रे पर लौटने में वक्त लगेगा। व्यापारी मान रहे हैं कि इसमें कुछ महीने लग सकते हैं। दुकानदारों का कहना है कि ज्यों-ज्यों लोगों को छोटे नोट मिल रहे हैं त्यों-त्यों धंधा रफ्तार पकड़ रहा है।
खानपान के दुकानदारों के लिए नोटबंदी से अचानक परेशानी खड़ी हो गई। लोगों के पास छोटे नोट नहीं थे और बड़े नोट चलन के बाहर हो चुके थे। ऐसे में दुकानदारी पूरी तरह से ठप हो गई। करीब पांच दिन हालात कमोबेश ऐसे ही रहे। फिर धीरे-धीरे ही सही लेकिन लोगों के पास छोटे नोट और नई करेंसी आने लगी। इसने संजीवनी की तरह खानपान की दुकानों पर असर डाला। जो दुकानदार मुनाफे की क्या कहें लागत निकालने तक के लिए तरस रहे थे उन्होंने राहत की सांस ली।
लोगों के पास खर्च करने लायक रुपये आए तो दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही भी बढ़ी। हालांकि, इन दुकानों पर चहल-पहल अभी पहले सी नहीं है। लेकिन दुकानदार इसे तसल्लीबख्श मान रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले जो हालात थे स्थिति अब उससे बेहतर है। नोटबंदी के बाद जहां एक समय दुकान से खर्च तक नहीं निकल पा रहा था, वहीं अब मुश्किलें कम हो चुकी हैं। शुरू में जहां एक्का-दुक्का ग्राहक दुकान पर आ रहे थे वहीं अब करीब आधे ग्राहक दुकान में आने लगे हैं।
नोटबंदी में बन गई उधारी की लिस्ट
खानपान की दुकानों में कई नियमित ग्राहक भी होते हैं। ऐसे ग्राहक जब नोटबंदी के बाद दुकानों पर पहुंचे खा-पीकर बिल देने के लिए इन्होंने हजार और पांच सौ के नोट आगे बढ़ाए। दुकानदार ने इन्हें स्वीकारने से इन्कार किया, लेकिन नियमित ग्राहक न टूटे इसके लिए रुपये बाद में चुकाने की सहूलियत दे दी। आइसक्रीम पार्लर, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों पर ऐसे ग्राहकों के लिए अलग बहीखाता तैयार किया गया है।
25 फीसदी सुधरा धंधा
जैसे-जैसे लोगों के पास खर्च करने लायक रकम आ रही है, बाजार में चहल-पहल बढ़ रही है। शुरू में बिल्कुल ठप सी हुई दुकानदारी करीब 25 फीसदी लौट चुकी है। फुटकर नोट आने से थोड़ा आराम मिला है। दिसंबर तक बाजार के हालात सुधरने की उम्मीद है।
मुन्नू अग्रवाल, अग्रवाल आइस्क्रीम पार्लर
लौटे 40 फीसदी ग्राहक
रेस्टोरेंट में पिछले कुछ दिन ग्राहकों की आवाजाही काफी कम रही। इधर दो-चार दिनों से ग्राहक आने लगे हैं। करीब 40 फीसदी ग्राहक लौट चुके हैं। लेकिन अभी भी कई नियमित ग्राहक दिखाई नहीं दे रहे। पुराने रौ में धंधा लौटने में दो महीने लग सकते हैं।
राजकुमार गुप्ता, रेड चिली रेस्टोरेंट
जल्द सामान्य होंगे हालात
नोटबंदी का असर धंधे पर पड़ा, लेकिन देश के भले के लिए उठाए गए पीएम के इस कदम में उनके साथ हूं। कुछ दिन तकलीफ हुई, मगर अब दुकानदारी फिर से रौ में लौटने लगी है। अभी करीब आधे ग्राहक वापस मिले हैं। जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे।
ईश्वर यादव, यादव मिष्ठान