यूनिवर्सिटी के संवाद भवन में उपस्थित शोधार्थी।
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लंबे समय से अलग-अलग विभागों से आ रही शोध छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए शनिवार को यूनिवर्सिटी ने प्रशासन और शोध छात्रों की एक बैठक आयोजित की, जिसमें शोध छात्रों ने समस्याओं से जुड़े सवालों की झड़ी लगा दी। कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन देकर बैठक की इतिश्री की। छात्रों ने बिजली-पानी से लेकर किताबों की कमियों के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया। भुगतान संबन्धी कई मामले भी इस दौरान सामने आए।
बायोटेक विभाग के शोध छात्र दिलीप राज ने पंजीकरण के बाद भी गाइड नहीं मिलने की समस्या बताई तो रसायन शास्त्र विभाग के जयनाथ ने क्लास करने बावजूद अनुपस्थित किए जाने की शिकायत की। शिक्षाशास्त्र विभाग के संजय कुमार राना ने विभाग में पानी और बैठने के स्थान का इंतजाम न होने के साथ विभागीय लाइब्रेरी में ताला लटकने की बात कही तो वहां मौजूद संकाय की डीन प्रो. शैलजा सिंह ने समस्या की वजह से कुलपति को रूबरू कराया और समाधान की गुजारिश की।
रक्षा अध्ययन विभाग के शोध छात्र अमित त्रिपाठी ने फेलोशिप न पाने वाले छात्रों की परीक्षा ड्यूटी लगाने की बात कही। साथ परीक्षा ड्यूटी का मानदेय 90 रुपये से बढ़ाकर 200 किये जाने की अपील की। भौतिक विज्ञान के छात्र विष्णु दत्त पांडेय ने सेमिनारों में शोधार्थियों से पंजीकरण शुल्क न लेने की मांग की।
शोध छात्राओं ने बाहरी लोगों के यूनिवर्सिटी परिसर में बेरोकटोक घूमने पर आपत्ति जताई, जबकि सुरक्षा कर्मी यूनिवर्सिटी के वैध छात्रों को अपनी गहन पूछताछ से परेशान करते हैं। कुलपति ने होली की शुभकामना के साथ समस्याओं को दूर करने की बात कहकर शोधार्थियों के समस्या रूपी घाव पर मरहम लगाया। इस दौरान सभी विभागों के अध्यक्ष और संकायों के डीन उपस्थित रहे।