गोरखपुर।
जीडीए सभागार में बृहस्पतिवार
को आयोजित मंडलीय रबी उत्पादकता
गोष्ठी में किसानों ने फसल
नुकसान का मुआवजा न मिलने,
नहरों
में पानी न आने,
ट्यूबवेल
की खराबी और बिजली की सप्लाई
समेत कई समस्याएं उठाईं।
किसानों ने कहा कि धान की फसल
चौपट हो चुकी है और इस समय
सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला
तो गेहूं की बुवाई करना मुश्किल
हो जाएगा।
किसानों
की समस्याओं पर कमिश्नर पी
गुरू प्रसाद ने बिजली विभाग
के चीफ इंजीनियर से सप्लाई
का रोस्टर बदलने को कहा। कमिश्नर
ने कहा कि प्रतिकूल मौसम के
चलते पिछले दो सालों से गेहूं
का उत्पादन घटा है इसलिए सभी
किसान फसल बीमा अवश्य करा लें।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग
की जितनी भी योजनाएं चल रही
हैं,
उसका
लाभ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने
वालों को ही मिलेगा। किसान
अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करा
लें। खाद,
बीज
की कमी नहीं है अगर किसानों
को समय से नहीं मिला तो संबंधित
अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
कमिश्नर
ने देवरिया में बसंतपुर माइनर
से 20
वर्ष
से पानी न आने की शिकायत पर
अधिशासी अभियंता को निर्देश
दिया कि अगर धन स्वीकृत है तो
उसकी तीन दिन के अंदर सफाई
शुरू करा दें और सूचना देवरिया
के एडीएम वित्त को भी दें।
महराजगंज ऑपरेटर के अभाव में
ट्यूबवेल न चलने पर कहा कि एक
ऑपरेटर के जिम्मे तीन से चार
ही ट्यूबवेल रहेंगे। इसकी
व्यवस्था सभी अधिकारी अपने
जिले में करा लें। संयुक्त
कृषि निदेशक मो.
आरिफ
सिद्दीकी ने कृषि यंत्रों पर
अनुदान की जानकारी दी। चीफ
इंजीनियर ट्यूबवेल अनिल कुमार
ने बताया कि 21
अक्टूबर
से 15
दिसंबर
तक नहरों की सफाई होगी। इसके
बाद नहर में पानी आने लगेगा।
गोष्ठी में सभी जिलों के डीएम
व सिंचाई,
कृषि
विभाग के अधिकारी उपस्थित
थे।