गोरखपुर। रामपुर गांव में कच्ची शराब की बिक्री के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने कांशीराम आवास के पास जाम लगा दिया। रामगढ़ताल चौकी प्रभारी पर धंधेबाजों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए देवरिया - बाईपास रोड पर दो घंटे तक आवागमन बाधित कर दिया। सीओ कैंट, एसओ खोराबार ने कार्रवाई का भरोसा देकर लोगों को हटाया उधर, राजघाट, तिवारीपुर में कच्ची शराब की ब्रिकी बंद कराने के लिए महिलाओं ने डीएम आफिस के सामने प्रदर्शन किया।
खोराबार प्रतिनिधि के अनुसार रामपुर गांव की महिलाएं और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शुक्रवार की सुबह 10 बजे देवरिया बाईपास पर पहुंचे। रामगढ़ताल पुलिस चौकी प्रभारी पर कच्ची शराब के धंधेबाजों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी ने समझाकर हटाने का प्रयास किया लेकिन लोग नहीं माने। 11 बजे पहुंचे एसओ खोराबार रामअशीष यादव ने समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग नहीं हटे
गांव के छब्बल, जियावन, विक्रम, कोईल, घोंची, झलोहरी, रामदरश, नंदलाल, विश्वनाथ, चंपी देवी पर कच्ची शराब बेंचने का आरोप लगाकर गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। दोपहर 12 बजे पहुंचे सीओ कैंट ने धंधेबाजों पर कार्रवाई का भरोसा देकर ग्रामीणों को सड़क से हटाया। शुक्रवार को पुलिस ने कच्ची शराब विक्रेता छब्बन और कोईल को गिरफ्तार कर 60 लीटर कच्ची शराब बरामद किया।
दोनों को कच्ची शराब बेंचने और अपमिश्रण के मामले में कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। उधर, दोपहर एक बजे डीएम आफिस पहुंची मिर्जापुर गांव की महिलाओं ने हार्बर्ट बांध पर राजघाट और तिवारीपुर क्षेत्र में कच्ची शराब पुलिस के संरक्षण में बिकने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। महिलाओं का आरोप था कि शिकायत करने के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। एसएसपी लव कुमार ने बताया कि कच्ची शराब के धंधेबाजों पर कार्रवाई करने का निर्देश जिले के सभी थानेदारों को दिया है।