दो और चार पहिया वाहनों के रोड टैक्स चोरी
परिवहन विभाग में रोड टैक्स चोरी के मामले में नया पेंच फंस गया है। आरटीओ ने फाइलों के सत्यापन के बाद ही गड़बड़ी होने या न होने की बात कहीं है। आरटीओ का दावा है कि डीटीसी के सामने पेश फाइलों में गड़बड़ी नहीं मिली थी। हालांकि डीटीसी ने जो फाइल निकलवाने को कहा कि वह अभी तक नहीं खोजी जा सकी है। उधर मामले की जांच कर रहे आरटीओ प्रवर्तन ने कुछ मामलों में 30 हजार रुपये रिकवरी भी कर चुके है।
दो और चार पहिया वाहनों के रोड टैक्स चोरी का मामला पकड़ में आने पर उप परिवहन आयुक्त (डीटीसी) ने जांच का आदेश दिया था। गोरखपुर के अलावा महराजगंज और देवरिया में भी यह मामला पकड़ में आया है। डीटीसी देवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने डेढ़ साल में पंजीकृत गाड़ियों की जांच का आदेश दिया है। यह मामला उजागर सोनभद्र से हुआ था। वाराणसी संभाग के सभी मंडलों में, गोरखपुर में भी चार और दो पहिया वाहनों में भी गड़बड़ी की आशंका पर जांच का आदेश दिया था। तकरीबन दस दिन बीत जाने के बाद भी कार्यालय से अभी तक फाइलें मिली नहीं हैं।
एक गाड़ी कई मॉडल की होती हैं। गाड़ियों के कलर का, रेट भी अलग-अलग होते हैं। फाइलों के सत्यापन के बाद ही तय होगा कि गड़बड़ी हुई या नहीं। जिस एजेंसी में गड़बड़ी मिलेगी उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- एम अंसारी, आरटीओ
रोड टैक्स चोरी मामले की हर पहलुओं को चेक किया जा रहा है। हालांकि कुछ मामले में रिकवरी भी हुई है। फाइलों के मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- देवेंद्र कुमार त्रिपाठी, डीटीसी