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मैंने कॉमेडी भी की तो पूरी गंभीरता से : राजपाल

Mon, 07 Nov 2016 02:19 AM IST
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर।
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रैम्पस स्कूज मे आयोजित कार्यक्रम मे फिल्म अभिनेता राजपाल यादव व अन्य। - फोटो : Rajesh Kumar
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मशहूर अभिनेता राजपाल यादव की पहचान भले कॉमेडी स्टार के तौर पर ज्यादा है लेकिन वे न सिर्फ अपने काम को लेकर गंभीर रहते हैं, बल्कि और गंभीर व चुनौतीपूर्ण किरदार निभाना उनकी पहली चाहत है। रंगमंडल की ओर से आयोजित ‘गोरखपुर बेस्ट ड्रामेबाज’ रियलिटी स्टेज शो के ग्रैंड फिनाले में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए राजपाल यादव ने एक बातचीत में कहा, मैंने कॉमेडी भी की तो पूरी गंभीरता से।
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दमदार अभिनय के दम पर फिल्मफेयर से लेकर स्क्रीन अवार्ड हासिल कर चुके राजपाल यादव के मुताबिक कॉमेडी लोगों के शरीर में खून के प्रवाह को सही करती है। दिल की धड़कन दुरुस्त रखती है। लिहाजा कह सकते हैं कि कॉमेडियन और दर्शकों में खून का रिश्ता है। हास्य ऐसा हो जो परिवार में देखा जा सके।

फिल्मों में बढ़ती फूहड़ता के सवाल पर बोले कि सिनेमा समाज का दर्पण है। समाज में बदलाव आएगा तो सिनेमा में भी दिखेगा। अभिनय का ‘सिकंदर’ बनने की ख्वाहिश साझा करते हुए एक संस्मरण सुनाया। कहा कि 2005 की बात है, सुबह उठकर शीशे के सामने पहुंचा तो मन में सवाल आया कि फिल्म इंडस्ट्री में किंग, बादशाह हैं तो शहंशाह भी हैं... फिर मैं कौन हूं? तभी मन ने ही जवाब दिया...सिकंदर। और अभिनय का सिकंदर बनने की ठान ली। अब तक करीब पौने दो सौ फिल्में कर चुके राजपाल यादव 11 नवंबर को रिलीज हो रही ‘लॉलीपॉप’ को लेकर उत्साहित हैं। बताया कि इसमें सिलिंडर वाले का रोचक किरदार किया है। पूरी उम्मीद है कि दर्शकों को पसंद आएगा। गोरखपुर है यूपी का दिल राजपाल यादव ने गोरखपुर को यूपी का दिल बताते हुए कहा कि वह चार बार यहां आ चुके हैं। बाबा गोरखनाथ की नगरी साधना और आध्यात्मिकता का प्रसार विश्वभर में कर रही है। खुद भी गोरखनाथ बाबा को प्रणाम करने जाता हूं।
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चाय पीते-पीते फंस गया था राजपाल यादव ने शाहजहांपुर में तीन साल पहले लगे धोखाधड़ी के आरोप पर चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया के कई देशों में घूमने के दौरान कहीं चरित्र पर उंगली नहीं उठी, मगर तीन साल पहले घर में ही फंस गया। एक इन्वेस्टमेंट में मेरे 17 करोड़ और मुझे फंसाने वाले के 5 करोड़ डूब गए। तब विश्वास में चाय पीते हुए कागजों पर बिना देखे साइन कर दिए थे। केस दर्ज हो गया। कोर्ट के हर फैसले का सम्मान करना है।  रंगमंच कमजोर नहीं हो सकता राजपाल यादव ने रंगमंच को लेकर कहा कि यह कभी कमजोर न था और न होगा। यह हमेशा से विवेचना, समालोचना का केंद्र रहा है। उन्होंने आत्मविश्वास, परिश्रम और प्यार को सफलता की कुंजी बताते हुए रंगकर्मियों को रंगकर्म में लगे रहने का संदेश दिया।
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