चेन्नई अधिवेशन : हड़ताल की हुंकार, आठ प्रस्तावों पर लगी मुहर
गोरखपुर। चेन्नई के पैरांबूर कैरिज वर्कशाप स्थित रेलवे स्टेडियम में आयोजित ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के 95वें वार्षिक अधिवेशन में शुक्रवार को डेलीगेट सेशन का आयोजन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों की समस्याओं से संबंधित आठ अहम प्रस्ताव पारित किए गए और एक सुर से हड़ताल पर सहमति बनी। विशेष प्रस्ताव लाकर तय किया गया कि फेडरेशन और यूनियनों के चुनाव में 75 फीसदी कार्यरत रेल कर्मचारी और 25 फीसदी सेवानिवृत्त कर्मचारी ही चुने जाएंगे। इसके अलावा फ्रांस की रेलवे में होने वाली हड़ताल के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया। रेलकर्मियों को लेकर ‘यूनियन एक्सप्रेस’ शनिवार की भोर में रवाना होगी।
अधिवेशन को अमर उजाला लगातार लाइव कवरेज कर रहा है। तीसरे दिन भी हमारे सहयोगी बने एनई रेलवे मजदूर यूनियन के एसपी सिंह, ओंकार सिंह और विनय श्रीवास्तव के मुताबिक महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने उद्घाटन करते हुए कहा आज सकल उत्पाद अनुपात काफी नीचे आ गया है। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शुरू होने से 7000 मालगाड़ियां उसमें चली जाएंगी, जिससे हमारी आय कम हो जाएगी।
प्रिंटिंग प्रेस की बंदी के बाद कारखानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। लार्जेस स्कीम कोर्ट के आदेश से अभी बंद है लेकिन उसका नाम बदल कर शुरू किया जा सकता है। महामंत्री ने कहा कि बोनस कोई खैरात नहीं है 1974 के हड़ताल में लड़ कर लिया गया है। अब समय आ गया है कि उसके फार्मूले को बदला जाए। सहायक महामंत्री एवं एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय सरकार रेलवे के अस्तित्व को समाप्त करने पर आमादा है। सरकार के इस कुत्सित प्रयास को रोकने के लिए हड़ताल के अलावा कोई दूसरा रास्ता नही है। हमें हर हाल में हड़ताल करना ही होगा।
ये प्रस्ताव हुई पारित
कृषि पर आश्रित जनता एवं उद्योगों में कार्यरत मजदूरों की स्थिति में गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में व्यापक सुधार किया जाए।
न्यू पेंशन स्कीम खत्म करने, न्यूनतम वेतन, वेतन निर्धारण फार्मूला, उच्चतर वेतनमान का निर्धारण, सेवा निवृत्ति लाभ आदि मांगें शीघ्र पूरी हों।
भारतीय रेलवे के निजीकरण करने की नीति को सरकार वापस ले।
गुप्त मतदान के लिए प्रकाशित माडेलटीज के अनुसार रेल कर्मियों एवं रेल उद्योग के हित में गुप्त मतदान की तिथि तत्काल घोषित हो।
केंद्रीय मंत्री मंडल द्वारा कॉनकोर के विनिवेश के निर्णय पर भारतीय रेल की आर्थिक दशा के मद्देनजर पुनर्विचार हो।
बीएसएनएल और एमटीएनएल को सरकारी खजाने से धन उपलब्ध कराकर उसको जीवित कर कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
भारतीय रेलों पर कार्यरत असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों का ठेकेदारों द्वारा किसी प्रकार का शोषण न किया जाए।
ट्रेड यूनियन एक्ट 1926, इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट 1947 एवं इंडस्ट्रियल एंप्लॉयमेंट एक्ट 1946 को समाप्त करने के लिए पेश बिल को तत्काल रद किया जाए।
केएल गुप्ता 16 वीं बार चुने गए सहायक महामंत्री
गोरखपुर। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन की कार्यसमिति का चुनाव संपन्न हुआ। जिसमें 103 वर्ष के एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्ता को 16 वीं बार लगातार सहायक महामंत्री चुना गया। गोरखपुर से यूनियन एक्सप्रेस का नेतृत्व कर रहे केएल गुप्त 1982 से 20 वर्ष तक संयुक्त मंत्री रह चुके हैं। इसके पहले लगातार 10 वर्ष वर्किंग प्रेसीडेंट रह चुके हैं। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष राखल दास गुप्ता, महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा व कोषाध्यक्ष जेआर भोसले, कार्यसमिति में जोनल सेक्रेटरी बसंत लाल चतुर्वेदी को चुना गया। कार्यसमिति के सदस्य के रूप में प्रदीप धर दुबे, एनबी सिंह व विनय कुमार श्रीवास्तव सर्वसम्मति से चुने गए।