सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक लेते चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह।
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प्रदेश सरकार के कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह का कहना है कि गोरखपुर के सांसद महंत आदित्यनाथ नहीं चाहते कि गोरखपुर में एम्स की स्थापना हो, क्योंकि उन्हें यहां खुद का प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खोलना है। गोरखपुर में एम्स के लिए प्रदेश सरकार अपना काम पूरा कर चुकी है।
मंगलवार को यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में एम्स से जुड़े सवाल पर कहा कि राज्य सरकार की सक्रियता से एम्स के लिए जमीन, फोरलेन की मंजूरी हो चुकी है। अब निर्माण की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। केंद्र सरकार से आगे की कार्रवाई कराने की बजाय सांसद एवं महंत आदित्यनाथ प्रदेश सरकार पर बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके पीछे उनकी मंशा एम्स न लाने की है, क्योंकि वह निजी मेडिकल कॉलेज खुलवाना चाहते हैं।
राज्य मंत्री ने कहा कि सूबे में कई नए मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी है। छह जून को फैजाबाद मेडिकल कॉलेज की नींव रखी जानी थी, मगर कुछ कारणों से कार्यक्रम टल गया है। इसे जल्द किया जाएगा। राज्य सरकार चिकित्सा क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कोबाल्ट यूनिट, एमआरआई मशीन की शुरुआत इसके बड़े प्रमाण हैं।
इससे पूर्व उन्होंने सर्किट हाउस में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने किसानों को उपकरण, बीज आदि की सब्सिडी बिना बिचौलियों के सुनिश्चित कराने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पर जोर दिया। कहा कि जल्द सब्सिडी की राशि किसानों के खाते में पहुंचेगी।