प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 22 जुलाई को गोरखपुर का दौरा ऐतिहासिक होगा। उस दिन वे फर्टिलाइजर और एम्स का शिलान्यास करेंगे। इससे रोजगार के दरवाजे खुल जाएंगे। खाद कारखाने के लिए लिए गैस पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी। इससे सिलेंडर की जगह पाइपलाइन से घरों में गैस की सप्लाई होगी।
पूर्वांचल के विकास पर करीब 40 हजार का करोड़ का निवेश होने जा रहा है। आजादी के बाद से अब तक किसी भी क्षेत्र में इतना लंबा निवेश पहली बार होगा।
यह जानकारी सदर सांसद महंत आदित्यनाथ ने दी। वे शुक्रवार को गोरक्षनाथ मंदिर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एम्स के रास्ते में जो भी बाधा थी, उसे दूर कर दिया गया है। स्थलीय निरीक्षण के लिए केंद्रीय टीम आई है। एम्स का लाभ पूर्वांचल की जनता के साथ-साथ बिहार और नेपाल के लोगों को भी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर का खाद कारखाना 1990 से बंद पड़ा था। कभी यह गोरखपुर की पहचान हुआ करता था। कई सरकारें आई और गईं पर किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। प्रधानमंत्री ने जनता से चुनाव में इसे चालू कराने का वायदा किया था जिसे वह पूरा करने जा रहे हैं। खाद कारखाना लग जाने से रोजगार का सृजन होगा। किसानों को खाद के लिए मुश्किलें नहीं हाेंगी। समय से खाद मिलेगी तो उपज भी बढ़ेगी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 22 जुलाई की तारीख यहां की जनता के लिए मील का पत्थर साबित होगी। फर्टिलाइजर के चालू होने से गैस पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इससे औद्योगिक विकास की संभावनाएं और बढ़ेंगी। गैस पर आधारित अनेक उद्योग-धंधे स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को प्रधानमंत्री सबसे पहले गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की मूर्ति का अनावरण करेंगे। उसके बाद वहां पर उपस्थित संतों को संबोधित करेंगे। वहां से वह फर्टिलाइजर जाएंगे। वहां शिलान्यास कर जनसभा को संबोधित करेंगे।