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नृत्य व संगीत से सजी शहर की शाम

Mon, 13 Jun 2016 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
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लंबे इंतजार के बाद रविवार की शाम शहर के गोरखपुर क्लब में पूर्वांचल महोत्सव का आगाज हुआ। दो दिन के महोत्सव में पहले दिन संस्कृति के हर रंग दिखे। संगीत की धुन पर सुर की ताने थीं तो नृत्य की धमाकेदार प्रस्तुति भी। नृत्य नाटिका ने तो माहौल में समा बांध दिया। देर रात तक लोगों की भीड़ क्लब परिसर में जुटी रही और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाती रही।
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  शांति सेवा संस्थान की ओर से आयोजित आयोजन की शुरुआत स्वास्ति वाचन के बीच 21 ब्राह्मणों के शंखनाद से हुई। इसके बाद गणेश वंदना से शुरू हुआ सुर-संगीत का सिलसिला। सबसे पहले मंच पर उतरे जगदीश सर्राफ और उनके साथी अपने नृत्य नाटिका के साथ। धनुष भंग नाम की नाटिका ने सीता स्वयंवर का ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया कि लोग मंत्रमुग्ध हो उठे। वाराणसी से आए प्रणाली डांस ग्रुप ने मंच पर नृत्य का क्रम जारी रखा और शानदार प्रस्तुति दर्शकों को ताली के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद लोक गायक अखिलेश मौर्य मंच पर आए और माहौल में देशज रंग घोल दिया। लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने ‘छवि है तेरी सुबह-ए-बनारस रूप अवध की शाम...’ गीत प्रस्तुत कर पूर्वांचल की अद्भुत छटा की लोगों को याद दिलाई। बीच-बीच में मनोज टाइगर का हास्य ठहाके लगवाकर माहौल को बदलने का काम कर रहा था।

रामज्ञान और उनके साथियों का फरुआही नृत्य पर जोरदार कमर का हिलाना भी लोगों को खूब भाया। भजन गायक नंदू मिश्रा और लोक गायक चंदन-नंदन के सुरों ने रही-सही कसर को पूरा कर दिया और लोग वाह-वाह कर उठे। इस दौरान गायन प्रतियोगिता ‘पूर्वांचल की आवाज’ और नृत्य प्रतियोगिता ‘पूर्वांचल का नटराज’ का भी आयोजन हुआ, जिसमें पहले से चयनित प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का भरपूर प्रदर्शन किया। परिणाम महोत्सव के दूसरे दिन घोषित किया जाएगा।
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