फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्वांचल के विकास के लिए विश्वविद्यालय, शोध संस्थान करेंगे अध्ययन

विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्वांचल के विकास के लिए विश्वविद्यालय, शोध संस्थान करेंगे अध्ययन
विज्ञापन

गोरखपुर। पूर्वांचल विकास बोर्ड अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए शोध संस्थानों और विश्वविद्यालय का सहयोग लेगा। विश्वविद्यालय और शोध संस्थान प्राथमिक क्षेत्र, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस क्षेत्र के अलावा जल संसाधन और सामाजिक विकास के लिए अध्ययन करेंगे। इनके अध्ययन के आधार पर कृषि, बागवानी, डेयरी, रेशम कीट पालन, लघु उद्योग, आईटी, पर्यटन, संस्कृति शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, दिव्यांगों की समस्या, बाढ़ नियंत्रण आदि क्षेत्रों के लिए नीतियां तय की जाएंगी।
नियोजन विभाग की ओर से इस संबंध में 10, 11 और 12 दिसंबर को गोरखपुर विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। ‘पूर्वांचल डेवलपमेंट- इश्यूज, स्ट्रेटजी एंड वे फॉरवर्ड’ शीर्षक से आयोजित होने वाली इस संगोष्ठी का आरंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ करेंगे। संगोष्ठी की कार्ययोजना तय करने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार केवी राजू, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. हरिशरण, कुलसचिव और विभिन्न विभागों के आचार्यों की बैठक हुई। सीएम के आर्थिक सलाहकार केवी राजू ने संगोष्ठी के कार्यक्रमों की रूपरेखा बताई। बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए गठित पूर्वांचल विकास बोर्ड में सहयोग एवं विकास की गति को तीव्र करने के लिए शोध संस्थानों और विवि के माध्यम से अध्ययन कराए जाएंगे।
विज्ञापन

बैठक में संगोष्ठी के कार्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी भी पदाधिकारियों को सौंपी गई। इस दौरान प्रो. राजवंत राव, कुलसचिव अमरेंद्र सिंह, प्रो. मानवेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. शोभा गौड़, प्रो. शरद मिश्रा, मुख्य नियंता प्रो प्रदीप कुमार यादव, प्रो. रविशंकर सिंह, प्रो. मुकुंद शरण त्रिपाठी, प्रो. अजय सिंह प्रो आलोक गोयल सहित तकनीकी विद्यालय के सदस्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन

पांच तकनीकी सत्रों का होगा आयोजन
सेमिनार में पांच तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, डेयरी, फिशरीज, सेरीकल्चर, स्माल इंडस्ट्रीज, टेक्सटाइल, आईटी, टूरिज्म, कल्चर एजुकेशन, हेल्थ, जेंडर न्यूट्रिशन, फिजिकली चैलेंज्ड इश्यूज, इरिगेशन, फ्लड कंट्रोल, इरिगेशन, ग्राउंड वाटर, ड्रिंकिंग वाटर आदि विषयों को सम्मिलित किया गया है। इन पांचों तकनीकी सत्रों में इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, वाराणसी, ऑल आईसीएआर इंस्टीट्यूट, स्टेट एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज, आईआईटी फर्म्स, टूरिज्म फर्म्स, सांस्कृतिक संगठन, वाटर रिसोर्स ग्रुप, यूनीसेफ समेत कई एनजीओ सहयोग करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें