शहीद पंकज त्रिपाठी का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा
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पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए पंकज त्रिपाठी का पार्थिव शरीर महराजगंज लाया गया। इस दौरान उनके गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शहीद पंकज त्रिपाठी के बूढ़े पिता ओमप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि कलेजे का टुकड़ा हमें छोड़ गया इस बात का गम है, लेकिन जाते-जाते हमारा मस्तक फख्र से ऊंचा कर गया। उसकी यादें हमें हमेशा रुलाती रहेंगी, लेकिन इस बात का संतोष रहेगा कि बेटा देश के काम आया। इतना कहते ही वो फफक कर रो पड़े।
रुंधे गले से बस इतना कहा कि अब तो पंकज के बच्चे की चिंता सता रही है। न जाने उनकी पढ़ाई-लिखाई अब कैसे होगी। जिले के हरपुर निवासी ओमप्रकाश त्रिपाठी के बड़े बेटे पंकज त्रिपाठी की शादी 2010 में सोहरवलिया कला में हुई थी।
उनका चार साल का बेटा प्रतीक है। पंकज 2012 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। छोटा भाई शुभम त्रिपाठी स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। पंकज भाई को सिविल सेवा में भेजने का सपना देखते थे।