विकास भवन में शुक्रवार को भी हजारों की संख्या में जुटीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने हक के लिए आवाज बुलंद की। कहा कि वे किसी दबाव में झुकने वाली नहीं हैं। जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्हें भीख नहीं अधिकार चाहिए। सरकार ने न्यूनतम मजदूरी 320 रुपये निर्धारित की है, जबकि उन लोगों को उसकी आधी रकम भी नहीं मिलती। अब वे अपना हक लेकर रहेंगी, चाहे इसके लिए कितनी भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
विकास भवन परिसर में आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष गीतांजलि मौर्या के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने आठवें दिन भी धरना दिया। इसी क्रम में शनिवार को गांवों के केंद्रों के भ्रमण का कार्यक्रम रखा गया है। साथ ही 11 को राज्यपाल से मिलकर उन्हें मांगों का ज्ञापन दिया जाएगा, जबकि 12 को विकास भवन से मशाल जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में कई कर्मचारी संगठन भी आ गए हैं। कर्मचारी नेता नंदलाल, श्रीराम पांडेय, नवमी लाल, रूपेश श्रीवास्तव आदि भी विकास भवन पर डटे रहे। कार्यक्रम में गीता पांडेय, निर्मला शर्मा, पुष्पा शुक्ला, मालती, किरन, सावित्री त्रिपाठी, मंजू सिंह, चंद्रावती, नीलम पांडेय, मीना सिंह, विद्या गुप्ता, पूनम चौधरी, मुन्नी, विजय लक्ष्मी राय, चिंता देवी, आरती शाही, कप्तान सिंह, बिंदू, शीला, सरस्वती, नीलम त्रिपाठी, प्रेमलता, गायत्री, संगीता आर्या, राधिका मौर्या, हेमवंती सिंह, पूनम सुशीला, गीता देवी, पुष्पा , नाहिदा, आरती, सपना, सरिता पासवान, लक्ष्मी सिंह, कुसुम सिंह आदि शामिल थीं।