बेहतर कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार रहित प्रशासन देने का दावा करने वाली योगी सरकार को गोरखपुर नगर क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने बुधवार को कटघरे में खड़ा कर दिया। गैर कानूनी शराब की दुकानों को लेकर टाउन हाल स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष बुधवार को धरना-प्रदर्शन करते हुए पुलिस और आबकारी विभाग के अफसरों पर जेब गरम करने के आरोप लगाए। कहा कि पुलिस और शराब माफिया का सिंडीकेट बन गया है। पुलिस के संरक्षण के बगैर कच्ची शराब नहीं बिक सकती। एसओ चिलुआताल कच्ची शराब बिकवाने का काम कर रहे हैं।
नगर विधायक ने बुधवार को गैर कानूनी शराब की दुकानों को बंद कराने का अभियान छेड़ा। गांधी प्रतिमा के समक्ष करीब चार घंटे तक बैठे। साथ ही ऐसी दुकानों की सूची तैयार कराई है, जो अस्पताल, आबादी, स्कूल और पूजा स्थल से 50 मीटर से कम दूरी पर हैं। इसी दौरान भाजपा विधायक ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए। विधायक ने कहा कि सरकार बदल गई है लेकिन अधिकारी पुराने ढर्रे पर हैं। इसकी जानकारी लखनऊ में बैठे भाजपा के लोगों के पास है। जल्द ही कार्रवाई होगी। जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। विधायक ने गत रविवार को महिला आईपीएस अफसर चारु निगम से हुए विवाद का जिक्र भी किया। कहा कि पुलिस ने 70 साल की बुजुर्ग महिला पर लाठियां बरसाईं। पांच महीने की गर्भवती के पेट पर लात मारी और आठ साल की बच्चे की पिटाई की। यही नहीं, प्रदर्शन के दौरान पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद और भाजपा विधायक जिंदाबाद के नारे लगाए गए। यह सिलसिला अपराह्न तीन बजे तक चला। विधायक समर्थकों ने पुलिस को ताने भी मारे। कहा कि सारी गलती पुलिस की है। विधायक को विवादित बनाना गलत है।
महिला आईपीएस के फेसबुक पोस्ट पर बरसे विधायक
फेसबुक पोस्ट से हर आरोप का जवाब देने वाली महिला आईपीएस अफसर चारु निगम पर बुधवार को भाजपा विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने पलटवार किया। कहा कि फेसबुक पेज पर लिखना सरकारी आचरण नियमावली के खिलाफ है। इस मामले में आईपीएस अफसर के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीण महिलाओं को पीटने वाले अब अनुशासनहीनता पर उतर आए हैं।
अनुमति नहीं, फिर भी प्रदर्शन
शहर में धारा 144 लागू है, फिर भी भाजपा के नगर विधायक ने टाउन हाल स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। इसकी अनुमति जिला प्रशासन से नहीं मिली थी। इस पर विपक्षी पार्टियों ने निशाना साधा है। विधायक पर कानून तोड़कर प्रदर्शन करने का आरोप लगाया गया है।