तहसील दिवस पर सुनवाई करतीं डीएम। साथ में एसएसपी,सीडीओ व अन्य।
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सदर तहसील दिवस में बुधवार को जमीन से जुड़े मामले छाए रहे। सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक चले तहसील दिवस में कुल 95 मामले आए, जिनमें से मात्र नौ का ही मौके पर निस्तारण किया जा सका। इनमें से पांच राजस्व विभाग तथा चार अन्य विभागों से जुडे़ थे। तहसील दिवस की अध्यक्षता करते हुए डीएम संध्या तिवारी ने ज्यादातर मामलों को सिविल कोर्ट से जुड़ा बताते हुए फरियादियों को कोर्ट जाने का सुझाव दिया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि तहसील दिवस शासन की विशेष प्राथमिकताओं में से एक है। ऐसे में इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तहसील दिवस में आने वाले मामलों को संबंधित अफसर गंभीरता से लें और तय समय के भीतर गुणवत्ता के साथ उनका निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि प्राय: क्रॉस चेकिंग के दौरान पाया जाता है कि रजिस्टर पर तो मामलों का निस्तारण होना बताया जाता है, जबकि वास्तव में कोई कार्रवाई ही नहीं होती।
कहा कि अफसर सतर्क रहें और यह न समझे कि तहसील दिवस के मामलों की निगरानी नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि जिला और मंडल स्तर के अलावा शासन स्तर से भी तहसील दिवस के मामलों के निस्तारण की क्रॉस चेकिंग की जाती है।