पहली अगस्त से लागू होने जा रहे नए सर्किल रेट के लिए जिले की सभी तहसीलों में सर्वे का काम तकरीबन पूरा हो गया है। अब तहसील के सभी क्षेत्रों की जमीन के रेट का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके बाद मुख्यालय पर इसपर मंथन होगा। लोगों की सलाह और आपत्तियां मांगी जाएंगी और अगर वे वाजिब निकलीं तो उन्हें अमल में भी लाया जाएगा।
सर्वे से निकलकर आए तथ्यों के मुताबिक सहजनवां-जंगल कौड़िया बाईपास, गोरखपुर-वाराणसी और गोरखपुर-सोनौली मार्ग के साथ ही साथ भटहट के खुटहन में प्रस्तावित एम्स की जमीन के करीब 15 किलोमीटर के दायरे में जमीन के दाम दोगुने से अधिक बढ़ाने की तैयारी है। यही नहीं, कई ऐसे बाजार चिह्नित किए गए हैं जो विकसित तो हैं मगर वहां का सर्किल रेट जिले के दूसरे क्षेत्रों की तरह सामान्य है। इन बाजारों की दुकानों के दाम भी बढ़ाए जा रहे हैं।
दरअसल निर्माणाधीन महत्वपूर्ण सड़कें और ऐसी प्रस्तावित सड़कें जिनका निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है, के साथ ही विकसित हो रहे बाजारों में संपत्तियों के दाम प्रशासन के सर्किल रेट में भले ही कम हो मगर उनका सौदा अधिक दाम पर हो रहा है। गत दिनों इन इलाकों के सर्वे करने पहुंचे रजिस्ट्री महकमे के अफसरों ने इसकी पुष्टि भी की। सड़कों को भी दो श्रेणी में बांटा गया है। पहला सादी ईंट जड़ित/इंटर लाकिंग ईंट जड़ित तथा दूसरी पिच, डामर या आरसीसी से बनी पक्की सड़क।
बताया जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में बैनामों से होने वाली आय के वार्षिक लक्ष्य में करीब 45 करोड़ की बढ़ोतरी की वजह से भी कई इलाकों की संपत्तियों के दाम में वृद्धि महकमे की मजबूरी बनी हुई है। पिछले साल जहां यह लक्ष्य 342 करोड़ था वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 387 करोड़ कर दिया गया है।