अब बिजली, पानी, सड़क, प्रदूषण समेत अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए उद्यमियों को विभिन्न विभागों की दौड़ नहीं लगानी होगी। जिला उद्योग केंद्र पर सभी विभागों से संबंधी समस्याओं का निस्तारण हो सकेगा। शासन की ओर से जिला स्तर पर प्रत्येक शुक्रवार को ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें संबंधित सभी विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
लालफीताशाही की वजह से उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। बिजली संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए तो उद्यमियों को इतनी परेशानी झेलनी पड़ती है कि उद्योग बंधु की बैठकों में यह मुद्दा छाया रहता है। इसी तरह की समस्याएं व्यापार कर विभाग, नगर विकास, औद्योगिक विकास प्राधिकरण समेत अन्य विभागों में भी झेलनी पड़ती है। सभी विभाग एक साथ एक ही मंच पर मौजूद रहेंगे तो उद्यमियों की समस्याओं को सुलझाने में मदद होगी।
इन विभागों के अधिकारी होंगे शामिल
विद्युत सुरक्षा विभाग, डिस्कॉम, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, वन विभाग, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, व्यापार कर विभाग, श्रम विभाग, विकास प्राधिकरण, नगर विकास विभाग, अग्निशमन विभाग, औद्योगिक विकास प्राधिकरण आदि अधिकारी मौजूद रहेंगे।
सभी विभागों के एक साथ इकट्ठा होने से उद्यमियों की समस्याएं आसानी से हल हो सकेंगी। शासन स्तर पर की गई व्यवस्था के अनुसार 13 विभागों के अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार को मौजूद रहेंगे। प्रत्येक शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे से 12 बजे तक जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में पहुंच कर उद्यमी अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
-रंजन चतुर्वेदी, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र