न्यू पेंशन स्कीम समाप्त कराकर दम लेंगे : डॉ राघवैया
गोरखपुर। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेन के महामंत्री व अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के उपाध्यक्ष डॉ. एम राघवैया ने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम समाप्त कराकर रहेंगे और रेलवे में निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। सरकार अपनी नीतियों और अफवाह से रेलकर्मियों को भड़का रही है। हालात ऐसे हैं कि कर्मचारी खुद आंदोलन की मूड में हैं।
वह रेलवे स्टेशन स्थित कैब-वे पर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ की ओर से आयोजित विरोध सभा में बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एनएफआईआर का एजेंडा हमेशा रेल के हित में ही रहा है। हम तो अपने एजेंडा पर टिके हैं। सरकार अपने एजेंडे से भटक गई है और निजीकरण की ओर धकेल रही है। रेलवे आम आदमी के लिए ट्रांसपोर्ट है, लेकिन सरकार इसे अमीरों की रेल बना रही है। राघवैया ने कहा कि 50 वर्ष की उम्र के बाद रेलकर्मी को अनफिट कर उसकी जगह आश्रित को देने का नियम था। पर अब इसे बदलने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि सातवें वेतन आयोग की विसंगतियां अभी भी दूर नहीं की गईं।
बिना फेडरेशन के वार्ता एवं सहमति के पदों को सरेंडर किया जा रहा है। लाभप्रद इकाइयों को बेचने की प्रक्रिया चल रही है। गोरखपुर में मुझे बताया गया कि कर्मचारी हितों से संबंधित किसी नियम को लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलकर्मी अब आंदोलन का मन बना लें, आरपार की लड़ाई होगी। एनएफआईआर के संयुक्त महामंत्री बीसी शर्मा ने कहा कि जितने भी रेल कारखाने फायदे में हैं, सरकार उन्हें बेचने पर लगी है। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी और भारतीय रेलवे को राजस्व का घाटा होगा। निजीकरण सिर्फ कमीशनखोरी के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि 70 वर्षों तक कार्य करने वाली सरकार ने कुछ नहीं किया। अगर ऐसा है तो उस सरकार के बनाए गए संसाधनों को कैसे बेचा जा रहा है। सरकार के इस कृत्य का जोरदार विरोध करने की जरूरत है। रेलवे कर्मचारी ट्रैकमेंटनेर एसोसिएशन के महामंत्री एवं एनएफआईआर के सहायक मंत्री जी गणेश्वर राव ने कहा कि ट्रैक मेंटेनर विपरीत परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। उनके कार्य के हिसाब से पदोन्नति और वेतन नहीं दिया जा रहा है। सभा की अध्यक्षता एमपी शर्मा ने तथा संचालन महामंत्री विनोद कुमार राय ने किया। इस अवसर पर पीआरकेएस के प्रवक्ता एके सिंह, आरपी भट्ट, मनोज द्विवेदी, मनीष पांडेय, सत्यांशु सिंह, पंकज यादव, जेपी सिंह, डीपी यादव, सुनील कुमार, चेतना पांडेय, राणा राहुल सिंह आदि मौजूद रहे।
जीएम से मिले राघवैया
एनएफआईआर के महामंत्री राघवैया ने महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल से मुलाकात की और उनसे रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के बारे में बात की। इस दौरान पीआरकेएस की ओर से एक पत्रक भी सौंपा गया।
परिवार संग आए रेलकर्मी
रेलवे यूनियन की सभा में पहली बार ऐसा हुआ कि रेलकर्मी परिवार के साथ पहुंचे। रेलकर्मियों की पत्नियों ने हाथ उठाकर अपना समर्थन भी दिया। रेलकर्मी मनोज द्विवेदी की पत्नी अनामिका ने कहा कि मुझे बहुत अच्छा लगा। पति के साथ ऐसे वक्त में साथ रही। वहीं कुमकुम का कहना था कि नेताओं की सभाएं तो टीवी पर देखती हूं, लेकिन मैं बहुत उत्साहित थी कि देखने को मिलेगा कि रेलवे यूनियन की सभाएं किस तरह की होती हैं। कहा कि बच्चे के साथ आई हूं। अन्य महिलाओं से दोस्ती भी हुई। विनीता त्रिपाठी व सुनीता का कहना था कि परिवार के साथ रेलकर्मी का मिलना-जुलना बहुत अच्छा लगा। मैंने तो सलाह दी है कि ऐसी सभाएं हों तो जरूर बुलाएं।