रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम के तरणताल में प्राइवेट प्रैक्टिस का मामला सामने आया है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी की जांच में मामला पकड़ में आने के बाद पावर लिफ्टिंग प्रशिक्षक को खिलाड़ियों का आईकार्ड चेक करने को कहा गया है। हालांकि कई लोग इस जांच पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं।
रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में अप्रैल से जून तक तैराकी का प्रशिक्षण कैंप चलाया जाता है। लेकिन इस बार इसे जुलाई में भी चलाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए दो आयु वर्ग निर्धारित किए गए थे। 18 से कम आयु के खिलाड़ियों के लिए मासिक शुल्क 200 रुपये, जबकि 18 से ऊपर के लोगों के लिए मासिक शुल्क 500 रुपये निर्धारित की गई थी। इसके अलावा 10 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में लिए जाते हैं।
दो दिन पूर्व क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी एसएएच नकवी ने अचानक तैराकी सीखने आने वाले खिलाड़ियों का आई कार्ड चेक किया। इसमें तकरीबन एक दर्जन ऐसे लोग मिले जिनका कार्ड नहीं बना था, जबकि कुछ लोगों का कागज पर फोटो लगाकर कार्ड बना दिया गया था। ऐसे लोगों से क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी ने तुरंत फीस वसूल की। हालांकि यह चेकिंग अप्रैल से जून तक चले प्रशिक्षण कैंप में न किया जाना भी सवाल खड़ा कर रहा है।
'औचक जांच में गड़बड़ी मिली थी। कई खिलाड़ी बिना रजिस्ट्रेशन के तैराकी कर रहे थे। उनसे फीस वसूल की गई है। कार्ड चेक करने की जिम्मेदारी संविदा पावर लिफ्टिंग प्रशिक्षक प्रवीण को दी गई है। '
- एसएएच नकवी, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी