स्वीगी, जैमेटो, फ्लिपकार्ट, एमेजॉन, डॉमिनोज जैसी कंपनियों की ओर से निजी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल व्यावसायिक रूप में करना अब महंगा होगा। इसके लिए शुल्क निर्धारित हो गया है। बिना परमिट के निजी मोटरसाइकिल का व्यवसायिक इस्तेमाल पर आरटीओ की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
जिले में वर्षों से निजी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल व्यवसायिक रूप में किया जा रहा है। कई कंपनियों के कर्मचारी अपनी निजी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल व्यवसायिक कार्यों में कर रहे हैं। अब तक आरटीओ प्रशासन भी इनको नजर अंदाज करता रहा है। इस कारण कंपनियों ने भी प्राइवेट मोटरसाइकिल का व्यवसायिक परमिट लेना आवश्यक नहीं समझा। बिना टैक्स दिए मोटरसाइकिलों का व्यवसायिक इस्तेमाल होता रहा। अब आरटीओ प्रशासन ने इस पर सख्ती का मन बनाया है। कार्रवाई के लिए प्रदेश मुख्यालय से सभी आरटीओ को मुख्यालय से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
कर्मचारियों का ब्यौरा जुटा रहे एआरटीओ प्रशासन
निर्देश मिलने पर शहर के अंदर तमाम कंपनियों और उनके कर्मचारियों का ब्यौरा जुटा रहे एआरटीओ प्रशासन श्याम लाल ने बताया कि टीम लगाकर इनकी संख्या जुटाकर कूरियर से लगाए खाने-पीने का सामान ढोने वाली मोटरसाइकिल को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी बताए संख्या
कंपनी को बताना होगा कि कितनी मोटरसाइकिल उनके व्यवसाय में लगी हैं। उन मोटरसाइकिलों को आरटीओ में व्यवसायिक का परमिट लेना होगा। बिना आरटीओ से परमिट लिए कंपनी अपने काम में किसी की बाइक को नहीं लगा सकती है।
जिले में केवल दो मोटरसाइकिल टैक्सी
अब तक आरटीओ के रिकॉर्ड में केवल दो मोटरसाइकिल ने टैक्सी का परमिट लिया है। आरटीओ ने बताया कि ये दोनों मोटरसाइकिल एक ही व्यक्ति की हैं, जो इंजीनियरिंग कॉलेज से अपनी बाइक चलवाता है।
यह होगी फीस
आरटीओ में मोटरसाइकिल टैक्सी का परमिट का चार्ज 25 सौ रुपये है। जो पांच साल तक के वैध माना जाएगा। मोटरसाइकिल का सालाना टैक्स करीब 26 सौ रुपये है। जबकि फिटनेस का चार्ज छह सौ रुपये है।
शहर के अंदर कई कंपनियां मोटरसाइकिल से खाने-पीने के सामान की होम डिलेवरी कर रही हैं। ऐसी मोटरसाइकिलों से राजस्व की हानि हो रही है। मुख्यालय से इन पर कार्रवाई के निर्देश मिले हैं।
- श्याम लाल, एआरटीओ प्रशासन