भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी अध्यक्ष उपेंद्र यादव की तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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सीएमओ दफ्तर पर चल रहा एनएचएम कर्मचारियों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। रविवार की सुबह भूख हड़ताल पर बैठे और धरने की अगुवाई कर रहे अध्यक्ष उपेंद्र यादव की तबीयत बिगड़ गई। अचानक अध्यक्ष के बेहोश होते ही हो हल्ला होने लगा। साथी कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल के इमरजेंसी ले गए। जहां उनकी खराब हालत को देखते हुए इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया।
सीएमओ दफ्तर पर वेतन विसंगति, रिक्त पदों पर सीधे समायोजन सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मी और आशा कार्यकर्ता चौथे दिन भी धरने पर रहे। रविवार को अध्यक्ष उपेंद्र यादव की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी में डॉक्टर की सलाह पर भर्ती कराया गया है। एनएचएम कर्मचारियों के धरने पर रहने की वजह से नियमित टीकाकरण, आयुष ओपीडी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, स्वास्थ्य परीक्षण, एक्सरे आदि कार्य प्रभावित होने लगा है। नियमित कर्मचारियों के भरोसे इस काम को कराया जरूर जा रहा है मगर मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। आल इंडिया आशा बहू कार्यकत्री कल्याण सेवा की राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदा यादव भी दो दिन से भूख हड़ताल पर है। इसके कारण भी स्वास्थ्य की सभी सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। डॉ. आशीष त्रिपाठी, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी,डॉ. डीपी सिंह, रागिनी, मनीष कुमार, डॉ. विश्वनाथ सिंह, इंद्रावती देवी, राजेंद्र यादव, नीलम राय आदि उपस्थित थे।
प्रमुख मांगें
विभाग के नियमित पदों पर सीधा समायोजन
वेतन विसंगति दूर हो
एनएचएम की नियुक्ति एजेंसी के बजाए जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से हो
आशा बहुओं को नियमित मानदेय दिया जाए
एनएचएम को एक अलग विभाग बनाया जाएगा