पवित्र रमजान माह शुरू होने वाला है। रब के बंदे इस मुबारक माह के इस्तकबाल के लिए तैयार हैं। सहरी व इफ्तार के सामानों की खरीददारी में तेजी आ गई हैं। सूजी, बेसन, चना, मसाला, तेल, चिप्स, पापड़, मेवे आदि की जमकर खरीदारी हो रही हैं। साहबगंज, लालडिग्गी आदि जगहों पर खरीदारों की भीड़ देखी जा सकती है। शुक्रवार शाम मगरिब की नमाज के वक्त चांद के दीदार हो गए तो रात से ही तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी और भोर में मुस्लिम समाज सहरी खा कर रोजे की शुरुआत करेगा। ऐसे में शनिवार को पहला रोजा होगा। वहीं अगर चांद नहीं दिखा तो शनिवार रात से तरावीह की नमाज शुरू होगी और रविवार को पहला रोजा होगा।
गाजी मस्जिद के पेश इमाम हाफि ज रेयाज अहमद ने कहा कि रोजा रखने के बहुत से फ जायल कुरआन व हदीस शरीफ में है। हदीस शरीफ में है कि रमजान और कुरआन रोजादार की शफाअत करेंगे। रोजा सिर्फ इंसान की ही इबादत है। रोजा रखने की सबसे बड़ी हिकमत यह है कि इससे परहेजगारी मिलती है। इसलिए तमाम मुसलमानों को चाहिए कि रब का शुक्र अदा करते हुए खुशदिली से रोजा रखें। खूब इबादत करें और इस माहे मुबारक के फैज से मालामाल हों।
सहरी इफ्तार की दुकान लगनी शुरू
मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों खोखरटोला, पिपरापुर, शेखपुर, तिवारीपुर, गाजी रौजा, रहमतनगर, नखास, तुर्कमानपुर, रहमतनगर, पुराना गोरखपुर, जमुनहिया, रसूलपुर, गोरखनाथ, जाफरा बाजार, मदीना मस्जिद, बक्शीपुर, निजामपुर, इलाहीबाग, रेती, घंटाघर में सहरी व इफ्तार की विशेष दुकानें लगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा साहबगंज से भी इफ्तार व सहरी के सामान खरीदे जा रहे हैं। नखास पर खजूरों व सेवइयों की दुकानें सज रही हैं। आसपास के गांवों के लोग भी खरीददारी करने के लिए शहर का रुख किए हुए हैं।
इबादतगाहों व घरों में हो रही सफाई
मुसलमान रमजान में दिन में रोजा रखते हैं। पांच वक्त की नमाजों के साथ तरावीह नमाज भी अदा करते हैं। तरावीह की नमाज करीब 400 मस्जिदों, मदरसों व अन्य जगहों पर अदा की जाएगी। इसलिए इबादतगाहों में सफ ाई व अन्य इंतजाम किए जा रहे हैं। हाफिज कुरआन शरीफ दोहरा रहे हैं। वहीं घरों में भी सफाई में तेजी आ गई है। औरतें भी खुदा की इबादत की तैयारियों में मशगूल हैं। रमजान की आमद से बाजार में रौनक-ए-बहारा नजर आने लगी है। खासकर उर्दू बाजार, शाहमारूफ, घंटाघर, गोलघर, रेती, गीताप्रेस, गोरखनाथ, गोलघर, नखास में रौनक देखते ही बन रही है। चूंकि रमजान में लोग इबादत को खास तवज्जो देते हैं इसलिए खरीदारी अभी से शुरू कर दी है, ताकि इबादत में खलल न पड़े। एक वजह खरीदारी की और भी है। रमजान शुरू होने के बाद दर्जी भी कपड़ा लेने से इंकार करने लगेंगे। इसलिए लोग त्योहार में किसी तरह की परेशानी न हो इसलिए अभी से इंतेजाम में जुट गए हैं। दर्जियों के यहां लाइनें लगनी शुरू हो गई हैं।