गुड फ्राइडे से पहले चर्चों में विशेष प्रार्थना के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कहीं मिस्सा बलिदान का कार्यक्रम हुआ तो कहीं पादरियों ने पवित्र ग्रंथ बाइबल का पाठ किया। चर्चों में आयोजित कार्यक्रम में मसीही समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शास्त्री चौक स्थित क्राइस्ट चर्च में गुड फ्र ाइडे की पूर्व संध्या पर मसीही श्रद्धालु जुटे। उन्होंने प्रभु यीशु मसीह द्वारा आयोजित अंतिम भोज के विषय पर चर्चा की और उनका निर्वाह किया। चर्च में उपस्थित श्रद्धालुओं को 2017 वर्ष पहले यीशु मसीह द्वारा बताई गई अंतिम भोज परंपरा का अनुसरण चर्च के प्रभारी डीआर लाल ने कराया। उन्होंने सभा में अपने शिष्यों का पैर धोकर दीनता और नम्रता का उदाहरण पेश किया।
उन्होंने बताया कि पैर और हाथ शुद्ध कर प्रभु भोज पर यीशु मसीह बैठे। दुआ कर रोटी तोड़कर दी और कहा यह मेरी देह है जो तुम्हारे एवं सारे मानव जाति के लिए दी जाती है। प्रभु ने उसी प्रकार कटोरा दिया, कहा यह मेरा रक्त है जो पूरे मानव जाति के पापों की क्षमा एवं उद्धार के लिए बहाया। साथ में यह निर्देश भी दिए कि इस कार्य को तुम सदैव करते रहो।
नई दिल्ली से पधारे पास्टर विंसेंट बेंजामिन ने बाइबल का पाठ किया। इस बीच चर्च क्वायर के गीत-संगीत से माहौल भक्तिमय हो गया। इस मौके पर डॉ. दीपक डूडी, डॉ. आईजे दास, डॉ. एके डेनियल, डॉ. सपन लारेंस, अनिल रैमसन, अमर जॉय सिंह, गोल्डी, प्रीतम गवाली, विवेक लारेंस, निखिल, संतोष डेनियल, संतोष, अर्पित लाल आदि लोगों की सहभागिता रही।
इसी क्रम में सेंट जोसेफ स्कूल सिविल लाइंस में शाम छह बजे बलिदान पूजा का आयोजन हुआ। सेंट जॉन चर्च बशारतपुर में शाम चार बजे विशेष प्रार्थना हुई। महानगर के सभी गिरजाघरों में गुरुवार की शाम भारी संख्या में लोग गुड फ्राइडे की पूर्व संध्या पर इबादत करने पहुंचे। 14 अप्रैल को गुड फ्र ाइडे की सर्विस दिन में 12 से तीन बजे तक होगी।