तमाम फिल्मों में भगवान से दुआ मांगने व उनके नाम परवानों की बातें देखने को मिलती हैं। पर हकीकत में शनिवार को यहां ऐसा ही मामला सामने आया। यहां हनुमानजी व शंकर भगवान के नाम से परवाना पहुंचा। डाकिया इस पत्र को संबंधित तक पहुंचाने के लिए इसलिए परेशान था कि परवाना फास्ट ट्रैक कोर्ट ने स्पीड पोस्ट से भेजा था।
दोपहर बाद गांव का डाकिया विजय जब यह पत्र लेकर गांव में पहुंचा और घर-घर इस नाम की तस्दीक करने लगा तो ग्रामीणों की उत्सुकता बढ़ गई। लेकिन घंटे भर के अथक प्रयास के बाद भी डाकिया भगवान के नाम से आए पत्र को रिसीव करा पाने में नाकाम रहा।
इस पर गांव के सुरेंद्र और आरडी मिश्रा ने डाकिया को सुझाव दिया कि परवाना लेकर मंदिर चले जाओ। पुजारी जी इस पर कुछ बता पाएंगे। इसके बाद डाकिया सीधे गांव में स्थित हनुमान मंदिर पर जा पहुंचा।
यहां के पुजारी कमला प्रसाद को उसने परवाना देने का प्रयास किया, मगर पुजारी ने इस पत्र को लेने से साफ मना कर दिया। घंटों समझाने के बाद भी जब पुजारी ने परवाना स्वीकार नहीं किया तो थक हार कर डाकिया लौट गया।