पराली जलाई तो नहीं मिलेगा सरकारी अनुदान
गोरखपुर। प्रदूषण की रोकथाम को लेकर विकास भवन सभागार में सोमवार को हुई बैठक के दौरान कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी किसान पराली जलाते हुए मिले उन्हें किसी भी तरह का सरकारी अनुदान या सहायता उपलब्ध न कराई जाए। यदि कोई किसान दो या उससे अधिक बार पराली जलाता पकड़ा जाए, तो उसपर जुर्माना लगाने के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
कमिश्नर ने कहा कि मंडल में दूसरे प्रांतों से आने वाली कंबाइन मशीनों की जांच की जाए। बिना बाइटर रिपर के कोई कंबाइन मशीन चलती मिले तो उसे तत्काल सील कर दिया जाए। कृषि विभाग के अफसर किसान गोष्ठियों के माध्यम से फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में किसानों को विस्तारपूर्वक जानकारी दे। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ज्यादा से ज्यादा सीएनजी आटो को लाइसेंस निर्गत किया जाए तथा प्रदूषण प्रमाण पत्र की जांच भी की जाए। उन्होंने सभी जिला कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि 10 नवंबर तक कृषि यंत्रों का वितरण सुनिश्चित करें वर्ना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि ने बताया कि पराली/फसल अवशेष जलाने से प्रतिवर्ष लगभग एक करोड़ 12 लाख रुपये के बराबर की यूरिया नष्ट होती है तथा खेतों में जैविक तत्वों को भी काफ ी नुकसान होता है। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन अजयकान्त सैनी, मुख्य विकास अधिकारी गोरखपुर एवं महराजगंज, सहित चारों जनपदों के अपर जिलाधिकारी आदि मौजूद रहे।
कूड़ा जलाने वालों पर एफआईआर कराए निगम- जीडीए
कमिश्नरने पीडब्लूडी के अधिकारियों को निर्देश दिया कि एनजीटी के नियमों के अनुसार सड़क निर्माण के लिए बने हाटमिक्स प्लांट का संचालन हो। उन्होंने नगर निगम एवं जीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कही भी कूड़ा न जलाया जाए। यदि कोई कूड़ा जलाता मिले तो उस पर एफ आईआर कराई जाए। कमिश्नर ने कहा कि 15 दिन के भीतर निर्माण कार्यों की नीति भी तैयार की जाए। इसके अलावा पानी के छिड़काव के लिए एसटीपी के पानी का प्रयोग किया जाए। उन्होंने उद्योग एवं गीडा के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदूषण वाले उद्योगों का संचालन न हो तथा प्रदूषण रोकने के लिए गीडा तीन दिनों के भीतर अपनी कार्य योजना प्रस्तुत करें।
मजिस्ट्रेट करेंगे फसलों की निगरानी, एक माह के लिए तैनाती
कमिश्नर ने सीडीओ महराजगंज को निर्देश दिया कि नौतनवा, निचलौल, फ रेन्दा एवं महराजगंज सदर में आगामी एक माह के लिए मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर फसल अवशेष जलाने वालों पर निगरानी रखी जाए। ऐसा करने वालों पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।