लाठीचार्ज में घायल महिला
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन चल रहा था, फिर भी पुलिस ने लाठीचार्ज किया। सांसद के साथ महिलाओं को पीटा गया। यह निंदनीय है। आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी हार मिलेगी। लाठीचार्ज का जवाब जनता वोट से देगी। लाठीचार्ज में कई लोग घायल हुए हैं। किसी का हाथ तो किसी का पैर टूटा है। शुक्रवार से धरना-प्रदशन करके विरोध जताया जाएगा। लाठीचार्ज सरकार के इशारे पर हुआ है।
गोरखपुर एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि रैली स्थल से बाहर जुलूस निकालने की अनुमति नहीं ली गई थी। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच रैली होनी थी लेकिन लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की। बिना अनुमति जुलूस निकाला गया। जगह जगह पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी गई। अराजकता फैलाने की कोशिश हुई तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। बवाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं है।
सांसद समेत आठ को निजी मुचलके पर छोड़ा
गोरखनाथ मंदिर जाने की कोशिश और हंगामा करने के आरोप में पकड़े गए सदर सांसद प्रवीण निषाद समेत आठ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। एसपी सिटी विनय कुमार सिंह ने बताया कि देर शाम सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
सांसद की गाड़ी का शीशा टूटा
लाठीचार्ज हुआ तो सांसद प्रवीण निषाद गाड़ी में बैठ गए। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। खींचकर सांसद को बाहर निकाला गया, फिर पैर के अगले हिस्से पर लाठी बरसाई गई। कहा कि पुलिस ने सांसद की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया है।
दुकानों में दुबके कार्यकर्ता
पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया तो कार्यकर्ता आसपास की दुकानों में छिप गए। इसके बाद पुलिस ने ढूंढकर सबको निकाला और लाठी पटककर खदेड़ा। एक महिला कार्यकर्ता काफी उग्र दिखी। वह लाठी लेकर पुलिस से भिड़ गई। हालांकि महिला पुलिसकर्मियों ने उसे काबू में करके हिरासत में लिया।