बहादुर बनो, हर लड़की रानी लक्ष्मी बाई है: एसपी ट्रैफिक
गोरखपुर। हमीरपुर में एक युवती ने उसे परेशान करने वाले शोहदे का न सिर्फ मुकाबला किया बल्कि पुलिस के सहयोग से जेल भिजवाया और सजा दिलवाई। उस युवती की तरह आप भी बहादुर बनो, हर लड़की अपने आप में रानी लक्ष्मीबाई है। अन्याय कभी नहीं बर्दाश्त करो तुम्हारे साथ माता-पिता, पुलिस और समाज के अच्छे लोग हैं। अमर उजाला फाउंडेशन की ‘अपराजिता’ मुहिम के तहत इमामबाड़ा मुस्लिम गर्ल्स इंटर कॉलेज में गुरुवार को आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में ये बातें मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक यातायात, आदित्य प्रकाश वर्मा ने कहीं। उन्होंने छात्राओं को अच्छे नागरिक के कर्तव्य और सुरक्षित रहने के उपाय बताए। आला पुलिस अधिकारी से छात्राओं ने सवाल जवाब भी किए। उन्होंने सभी छात्राओं को अपराजिता की नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने की शपथ दिलाई।
सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के दिए टिप्स
एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा ने छात्राओं को सलाह दी कि सोशल मीडिया पर कभी किसी से अपनी निजी जानकारी साझा न करें, न ही लाइव लोकेशन पोस्ट करें। अनजान व्यक्ति से वीडियो कॉल कतई न करें, यह आपको परेशानी में डाल सकती है। इंटरनेट के युग में महिलाएं ही सबसे ज्यादा साइबर अपराध का शिकार हो रही हैं। इससे बचना आपके हाथ में है। यदि कोई परेशान या ब्लैक मेल करे तो छिपाएं नहीं बहादुर बनें, माता-पिता और पुलिस को इसकी जानकारी दें। पीड़ित और शिकायत करने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है।
कोई करे परेशान तो दें 1090 पर जानकारी
एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा ने छात्राओं से पूछा कि घर से बाहर निकलने या स्कूल जाते समय यदि कोई शोहदा या शरारती तत्व परेशान करता है तो क्या करना चाहिए। छात्राओं ने बताया कि यूपी 100 या 1090 पर सूचना देंगी। एक छात्रा ने प्रश्न किया कि अधिकतर लड़कियों के पास मोबाइल नहीं है तो वह सूचना कैसे देंगी। एसपी ट्रैफिक ने कहा कि तुरंत शिकायत करना अच्छा है लेकिन यदि समस्या है तो घर जाकर या एक दो दिन में सूचना दें पुलिस आरोपी के खिलाफ निश्चित ही कार्रवाई करेगी।
अभाव से नहीं हों मायूस
एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा ने छात्राओं को अभाव में सुखी रहने को प्रेरित करते हुए आत्मकथा सुनाई। बताया कि उन्होंने इंजीनिरिंग इंट्रेंस परीक्षा में 20वां स्थान हासिल किया था। उस समय आर्थिक तंगी के कारण एमएलएनआर इंजीनियरिंग कॉलेज और एमएमयूटी में प्रवेश नहीं ले सका था। शिक्षा लोन लेकर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज से डिग्री हासिल की। बताया कि एक समय जिस दुकानदार ने पाव भर आटा उधार देने से इनकार कर दिया था आज वह नमस्ते करता है। दरअसल अभाव से मायूस नहीं हुआ और अपने लक्ष्य को हासिल करने में जुटा रहा। इंजीनियरिंग के बाद एमबीए किया और अंत में पीपीएस बना। सलाह दी कि लक्ष्य हासिल करने में अभाव को बहाना नहीं बनाना चाहिए।
यातायात नियमों का पालन करने की दी सलाह
छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने और स्कूटी चलाते समय हेलमेट लगाने की सलाह दी। पूछा कि कितनी छात्राएं स्कूटी से स्कूल आती हैं। कहा कि जो छात्रा हेलमेट का इस्तेमाल करती है उसको प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित करेंगे। कक्षा बारह की इकरा फातिमा ने बताया कि वह हेलमेट का प्रयोग करती हैं। शाबासी देते हुए कहा कि परिवार वालों को भी हेलमेट पहनने को प्रेरित करें। यदि पिता या भाई के साथ बाहर जा रही हों तो उनसे हेलमेट पहनने की जिद करें।
छात्राओं से हुए सवाल-जवाब
कक्षा ग्यारह की तरन्नुम आफरीन ने रेती चौराहे पर हमेशा जाम लगने की शिकायत की। एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा ने बताया कि पूरे शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने पर काम किया जा रहा है। संकरी सड़कों से भारी वाहनों की आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है ताकि आम आदमी को जाम में नहीं फंसना पड़े। छात्रा सुंबुल अतीक से पूछा कि तनाव क्यों होता है। छात्रा ने बताया कि मनचाहा परिणाम या कार्य नहीं होने पर तनाव हो सकता है। सभी को सलाह दी कि तनाव रहित होकर पढ़ाई करें। छात्रा सानिया परवीन से पूछा कि पुलिस के क्या काम हैं। छात्रा ने बताया कि सभी की रक्षा करना, अपराधियों पर अंकुश लगाना और कानून व्यवस्था बनाए रखना। एसपी ट्रैफिक ने शाबासी दी।
उत्साहित छात्राएं बोलीं
एसपी ट्रैफिक सर की पुलिस की पाठशाला में बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने लड़कियों को अपनी सुरक्षा के बहुत ही अच्छे टिप्स दिए।
- सुंबुल अतीक, कक्षा 12
पुलिस की पाठशाला से उत्साहित हूं। एसपी सर ने बताया कि सफलता पाने के लिए किसी भी अभाव पर रुकना नहीं चाहिए बल्कि विकल्प तलाशें और मेहनत करें।
- जिक्रा खातून, कक्षा 10
एसपी सर ने न सिर्फ खुद बल्कि परिवार वालों को भी यातायात नियमों का पालन कराने की प्रेरणा दी। अब भाई को बिना हेलमेट पहने बाइक नहीं चलाने दूंगी।
- इकरा फातिमा कक्षा 9
एसपी सर ने बहुत अच्छी बातें बताईं। महिला सुरक्षा से संबंधित कानून और प्रावधान की जानकारी हुई इससे छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ा है।
- समीरा जावेद, कक्षा बारह
प्रधानाचार्य को भी भायी पुलिस की पाठशाला
इस्लामिया मुस्लिम गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य नाहिद आसिम ने अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम को छात्राओं के लिए बेहतरीन पहल बताया। उनके अनुसार इस तरह के आयोजनों ने छात्राओं को शिक्षा के अलावा पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और कॅरियर चुनने के क्षेत्र में आसानी होगी।
पुलिस की पाठशाला में इनका रहा सहयोग
पुलिस की पाठशाला को सफल बनाने में इस्लामिया मुस्लिम गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या नाहिद आसिम के साथ ही टीचर शहनाज हसन, अंजुम फातिमा, अफरोज, शाइस्ता सिराज, आमना खातून, शाइस्ता मिर्जा, निकहत इरशाद, शबीनना बेगम, कनीज रजा, सलमा सुल्तान, शाहीन, सबीहा और आयशा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रबंधन में इरफान राफे, राजेश, शमशाद, शोहरत, सलमा, रुस्तम, अहमद अली और फातिमा जुटे रहे।