आप की सुरक्षा के लिए ही किए गए ट्रैफिक नियमों में बदलाव
गोरखपुर। हेलमेट पहन कर चलें, 18 साल से कम उम्र में दोपहिया या चार पहिया वाहनों से दूर रहें, ड्राइविंग लाइसेंस साथ रखे ही, वाहन की रफ्तार पर भी ध्यान रखें। सड़क पर की गई एक चूक आपके साथ ही आपके माता-पिता को भी परेशानी में डाल सकती है। ट्रैफिक नियमों में बदलाव आप की जिंदगी को सुरक्षित रखने के लिए ही किया गया है। शुरूआत में थोड़ी परेशानी होगी, मगर धीरे-धीरे नियम कायदे आपकी आदत में शुमार हो जाएंगे।
ये बातें एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा ने बुधवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘पुलिस की पाठशाला’ के दौरान जव्वाद अली शाह इमामबाड़ा गर्ल्स पीजी कॉलेज में कहीं। कहा कि एक सफल व्यक्ति के जीवन में अनुशासन की अहम भूमिका होती है। ट्रैफिक नियम भी आपको अनुशासन का पाठ सिखाते हैं। एसपी ट्रैफिक ने कहा कि डरे नहीं पुलिस आप की दोस्त है, अगर कोई आप को परेशान करे तो चुप्पी तोडें, मौन मनबढ़ों काहौसला बढ़ाता है। 100 नंबर फोन करें, 1090 पर कॉल कर परेशान करने वाले की जानकारी दें। निश्चित तौर पर मनचला जेल में होगा। प्राचार्य डॉ. आसिया सिद्दीकी जमाल ने अमर उजाला के अभियान की सराहना की। कहा कि ये अभियान महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने में अहम कड़ी साबित होगा।
पुलिसकर्मी हैं तो क्या, नियम सभी से लिए एक समान
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने एसपी ट्रैफिक से कई सवाल भी पूछे। बीए प्रथम वर्ष की छात्रा साजिया ने कहा कि अक्सर सड़क पर देखने में आता है कि दो पहिया चला रहे पुलिसकर्मी हेलमेट नहीं लगाते। इस पर एसपी ट्रैफिक ने कहा कि नियम सभी के लिए बराबर हैं। ऐसी गाड़ियों का नंबर नोट कर जानकारी दें, कार्रवाई होगी। खदीजा ने कॉलेज आने के दौरान रिक्शा चालकों की ओर से मनमाना किराया वसूली जाने की शिकायत की तो एसपी ट्रैफिक ने कहां इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाया जाएगा। हिना के कहा कि चालान के दौरान कई बार पुलिस की ओर से अभद्र व्यवहार किया जाता है तो एसपी ट्रैफिक ने कहा अभी तक यहां कोई ऐसी शिकायत नहीं मिली है।
नारी गरिमा के सम्मान की शपथ
कार्यक्रम के दौरान एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा, प्राचार्य डॉ. आसिया सिद्धिकी ने छात्राओं को महिला गरिमा का संकल्प दिलाया। कहा कि वो घर, स्कूल, समाज में लोगों को महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करें। सभी विद्यार्थियों ने एक स्वर में इस अभियान को आगे बढ़ाने का वादा किया।
इनका योगदान सराहनीय
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्राचार्य डॉ. आसिया सिद्धीकी जमाल, डॉ. फातमा हारुन, डॉ. नाहिद शमा, डॉ. भारती सिंह, डॉ. अल्का सिंह, डॉ. शगुफ्ता अमन, डॉ. नीतु सिंह, डॉ. निखत तौफीक, डॉ. शहजादी रहमान, डॉ. मुनीरा सईद, डॉ. रेहाना बेगम, डॉ. शाहीदा शमीम, साबरा खातून, डॉ. हुमा हाशमी, क्यू अफरोज, जन्नतुम निशा, अरविंद कुमार, राजेंद्र कुमार, जाहिद कमाल, शहरवर्दी आदि लोगों ने सराहनीय भूमिका निभाई।
पाठशाला में मिले टिप्स
यातायात नियमों को पालन करें, हेलमेट लगाकर ही घर से निकलें।
फेसबुक और व्हाट्सएप पर फोटो संभल कर डालें।
संकट में 100 और 1090 का सहयोग जरूर लें।
मोबाइल या सोशल साइट्स के संदेशों का सोच-समझकर जवाब दें।
निचले स्तर से समस्या का समाधान न होने पर ऊपर शिकायत करने से न चूकें।
क्या बोली छात्राएं
महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं
अमर उजाला की ओर से स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला से बहुत कुछ सीखने को मिला है। कई ऐसी जानकारियां भी मिलीं जिनके बारे में अब तक अनजान थी। अपने अधिकारों का इस्तेमाल करूंगी और परिवार और परिचितों को भी बताऊंगी। - खदीजा, बीए तृतीय वर्ष
सीख जीवन भर काम आएगी
पुलिस की पाठशाला में एसपी ट्रैफिक ने ट्रैफिक नियमों और वाहन चलाने के दौरान बरती जाने वाली कई नई जानकारियां दीं। ये रोजमर्रा के जीवन में काम आएंगी। अपने अधिकारों के बारे में भी जानने का मौका मिला। सीख जीवन भर काम आएगी। - फायजा अहमद, बीए द्वितीय वर्ष
समस्याएं साझा करने का भी मौका मिला
ट्रैफिक नियमों की जानकारी तो हुई ही, अपनी समस्याएं साझा करने का भी मौका मिला। ऐसे आयोजन पुलिस के प्रति युवाओं में फैली गलतफहमियों को दूर करने का माध्यम बनते हैं। अमर उजाला की यह मुहिम सराहनीय है। - अरिशा रब्बानी, बीए प्रथम वर्ष
नारी सशक्तीकरण का नारा हुआ बुलंद
कार्यक्रम नारी सशक्तीकरण का नारा बुलंद करने का माध्यम बना। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराते हैं साथ ही साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी करते हैं। जानकारियां परिवार के लोगों से साझा करूंगी। - तहजीब फातिमा, बीए तृतीय वर्ष