नोटबंदी पर देशवासियों की परेशानी के हवाले से गैर भाजपाई दलों के भारत बंद से एक दिन पहले रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां इस फैसले के कई दूरगामी फायदे गिनाते हुए सरकार के इस कदम को सही ठहराया, वहीं सवालिया शैली में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, हम भ्रष्टाचार, कालाधन बंद कर रहे, वे भारत। भाजपा की सत्ता परिवर्तन यात्रा के क्रम में कसया हवाई पट्टी पर आयोजित जनसभा में उमड़ी भीड़ से गदगद पीएम मोदी ने गाजीपुर के कार्यक्रम की तरह संबोधन की शुरुआत भोजपुरी बोली के अभिवादन से की। जल्द ही नोटबंदी के मुद्दे पर आकर मौजूद जनसमूह से हाथ उठवाकर अपने फैसले पर समर्थन जुटवाने की कोशिश की। पूछा कालेधन के खिलाफ उनकी कार्यवाही सही है या नहीं?
आगे कहा कि हम भ्रष्टाचार और कालाधन को बंद कर रहे हैं और विपक्ष भारत बंद कर रहा है। बोले, 70 साल से जो गरीबों के हक का रुपया लूटा जाता रहा, वो वापस लाया जाएगा। बड़े नोटों पर रोक से बड़ों को बड़ी और छोटो को छोटी ही चोट लगी है। जैसे बीमारी को दूर करने के लिए कुछ कड़वी दवाएं खानी ही पड़ती हैं, उसी तरह देश में बर्बादी लाने वाले कालेधन पर कार्रवाई में थोड़ा कष्ट तो उठाना ही पड़ेगा। पचास दिन का समय मांगा था, अभी 20 दिन ही हुए हैं।
लगभग 40 मिनट के भाषण में आधे से ज्यादा समय गांव और किसान की बात पर देते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह गांव, गरीब, किसान, पीड़ित, शोषित और वंचितों के लिए समर्पित है। अमीरों के इस काले धन से गरीबों का ही विकास होगा। उनके घर बिजली आएगी, खेतों तक पानी पहुंचेगा, उनके भी घर के बच्चे पढ़ सकेंगे। बुजुर्गों को दवा मिल सकेगी।
पीएम ने कहा कि यह तकनीक का युग है। बटुए का जमाना खत्म हो गया। मोबाइल फोन में ही बैंक हैं और हथेली में मोबाइल। पढ़ा लिखा नहीं होने के बाद भी जैसे हर कोई आसानी से मोबाइल रिचार्ज कर ले रहा है वैसे ही फोन से भुगतान मुमकिन है। बिना सीधी करेंसी के लेनदेन से कारोबार करने की राह पर दुनिया के क ई देश चल रहे हैं मगर भारत पीछे रह गया। अखबार में छपे विज्ञापन को दिखाते हुए भुगतान प्रक्रिया में आधुनिक एप के इस्तेमाल का आह्वान किया।
किसानों की चर्चा के जरिए ही प्रदेश की सपा सरकार पर निशाना साधा। कहा कि घर का झगड़ा खत्म हो गया हो तो केंद्र की फसल बीमा योजना और किसानों व बेरोजगारों के हित की अन्य योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू करें। कुशीनगर व पूर्वांचल के कई हिस्से पर सीधा असर डालने वाली गंडक नदी में जमी सिल्ट का हवाला देते हुए कहा कि इससे गंडक नहर में टेल तक पानी नहीं जा पाता। मनरेगा के फंड से इसकी सफाई के लिए कई बार कहा गया लेकिन प्रदेश सरकार ने सुना नहीं।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, अनुप्रिया पटेल सहित रीता बहुगुणा जोशी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या, प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, गोरखपुर के सांसद महंत आदित्यनाथ समेत कई सांसद और विधायक मौजूद रहे।
मिल मालिकों के पैकेज का खेल पुराना, मोदी नया
चीनी मिल मालिकों पर तंज करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि चीनी मिलों की हालत खराब बताकर कई मिल मालिक विशेष पैकेज की मांग कर रहे थे। मगर वह उनके इस पैकेज के खेल को खूब समझते हैं। ये पैकेज गन्ना किसानों की नहीं, मिल मालिकों की हालत सुधारने में इस्तेमाल किया जाता रहा है। यही वजह है कि हमने पहले सभी गरीबों, किसानों से बैंकों में खाता खुलवाया। इसके बाद गन्ना मूल्य बकाया वाले किसानों का ब्यौरा जुटाया। और सीधे उनके खाते में उनका भुगतान भेज दिया। इसी तरह चीनी का दाम कम होता है तो ये चीनी मिल मालिक, मिलें बंद कर देते हैं। किसानों से गन्ना नहीं खरीदा जा रहा था। केंद्र सरकार ने इस खेल को भी बंद कर दिया। चीनी की जगह एथनॉल बनवाया। साल भर में 100 करोड़ लीटर एथनॉल तैयार किया गया और पेट्रोल-डीजल की जगह गाड़ियों में इसका इस्तेमाल हुआ। इससे भारत को विदेशों से जो तेल खरीदना पड़ता है उसमें काफी मदद मिली है।