भाकपा माले द्वारा परिचर्चा को सम्बोधित करते राष्ट्रीय महासचिव दीपांशकर भट्टाचार्य
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भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधान सेवक नहीं प्रधान ठेकेदार हैं, जो हमारे आर्थिक जीवन को अमेरिका और सामाजिक जीवन को आरएसएस का गुलाम बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
वह भाकपा माले द्वारा गोकुल अतिथि भवन में आयोजित अंबेडकर और आज का संदर्भ विषय पर परिचर्चा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज के समय में अंबेडकर और ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं क्याेंकि आरएसएस व भाजपा उनके विचारों को नष्ट करने, विकृत करने की कोशिश कर रहा है। संघ और भाजपा की आजादी के आंदोलन में कोई भूमिका नहीं है। कहा कि इतिहास में कांग्रेस, कम्युनिष्ट, अंबेडकर, समाजवादी तो हैं लेकिन संघ व भाजपा नहीं है। इसलिए वह सर्जिकल स्ट्राइक कर इतिहास को अपने हिसाब से गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए गांधी, नेहरू, अंबेडकर को हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। उनका सबसे बड़ा दुस्साहस अंबेडकर को अपनी परियोजना में प्रयोग करने का है लेकिन यह संभव नहीं है क्योंकि अंबेडकर और भगत सिंह देश के जनमानस में बसे हुए हैं।
राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि आज गुलामी व तानाशाही के खिलाफ पक्की आजादी और लोकतंत्र को और अधिक विस्तारित करने के लिए संघर्ष को तीखा व बड़ा करने की जरूरत है। आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए व्यापक एकता, संवाद और संघर्ष की जरूरत है। रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या, उना में दलितों पर हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं के प्रतिरोध में आज एक बड़ा दलित जन उभार पैदा हुआ है जो जमीन, रोजगार, सम्मान जैसे बुनियादी सवाल उठा रहा है।
परिचर्चा में लोगों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ग संघर्ष के दायरे में केवल आर्थिक लड़ाई नहीं है बल्कि जिंदगी का सारा सवाल इसके एजेंडे में है। भाकपा माले के राज्य सचिव रामजी राय ने कहा कि सांप्रदायकिता महज धार्मिक मध्ययुगीन प्रवृत्ति नहीं है। आजादी की लड़ाई से यह एक प्रवृत्ति के रूप में मौजूद है। संचालन जन संस्कृति मंच के सचिव मनोज कुमार सिंह तथा धन्यवाद जिला सचिव राजेश साहनी ने किया।