कॉपी किताब, स्टेशनरी बेचने और बिकवाने का धंधा करने वाले कुछ स्कूल सीनाजोरी पर उतर आए हैं। जांच करने गई वाणिज्य कर की टीम को पिलर्स स्कूल में विरोध का सामना करना पड़ा। उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। विभागीय हस्तक्षेप के बाद टीम करीब 15 मिनट के बाद स्कूल परिसर में प्रवेश कर सकी। जांच में असहयोग करने पर वाणिज्य कर विभाग ने पिलर्स स्कूल पर जुर्माना ठोंक दिया है।
टैक्स चोरी को लेकर वाणिज्य कर की टीम का अभियान सोमवार को भी जारी रहा। टीम ने गोरखपुर, बस्ती और कुशीनगर के सात स्कूलों के अलावा गोरखपुर विश्वविद्यालय में भी छापामारी की। कुछ स्कूलों ने कॉपी, किताब बेचने की दुकानदारी बना रखी है तो कोई प्रॉस्पेक्टस बेचकर लाखों रुपये कमा रहा है। वहीं गोरखपुर विश्वविद्यालय में निर्माण कार्य में टीडीएस की कटौती, रद्दी बेचने, कैंटीन चलाने, प्रॉस्पेक्टस बेचने, मेस आदि पर टैक्स देनदारी की पड़ताल की। विश्वविद्यालय ने विभाग से एक सप्ताह का समय मांगा गया है। बीएन पब्लिक स्कूल, सीक्रेेट हार्ट, कार्मल स्कूल की जांच में कोई प्रतिकूल चीजें नहीं मिलीं, लेकिन रैंपस में जायसवाल बाइंडिंग वर्क्स के माध्यम से कॉपी, किताब और स्टेशनरी की बिक्री की जा रही थी।
वहीं बस्ती में सरला इंटरनेशनल एकेडमी व सेंट जोसेफ स्कूल की जांच की गई। पडरौना स्थित सेंट टीजर्स स्कूल की ओर से टी शर्ट, डायरी, बेल्ट देने के साथ ही प्रॉस्पेक्टस भी बेचा जा रहा था। इसके लिए स्कूल कोई टैक्स भी नहीं देता है। महराजगंज के स्कूल सेंट थामस प्राइमरी स्कूल को भी किताब, कॉपी और स्टेशनरी के अलावा प्रॉस्पेक्टस बेचते हुए पाया गया। वाणिज्य कर विभाग ने इस विद्यालय से टैक्स वसूलेगा। वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर आरके कुरील ने बताया कि टैक्स चोरी करने वाले सभी स्कूलों से टैक्स वसूला जाएगा। इसके साथ ही नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।