राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों के पीएफ को लेकर गोरखपुर और वाराणसी क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय ने कई जिलों की स्वास्थ्य समितियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सभी समितियों के बैंक खाते सीज कर करीब 36 करोड़ रुपये जब्त कर लिए गए। इस रकम को संबंधित संविदा कर्मचारियों के पीएफ खाते में भेजा जाएगा। गोरखपुर जोन में पड़ने वाले 12 जिलों में से 10 जिलों की स्वास्थ्य समितियों के खाते में से बकाए की पूरी रकम मिल गई है। गोंडा और बलरामपुर के खाते से संबंधित बकाए की रकम निकाली जानी बाकी है।
इसी तरह क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त वाराणसी उपेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक जोन के सात जिलों की स्वास्थ्य समितियों के बैंक खातों से बकाए की पूरी रकम निकाल ली गई है। बाकी के तीन जिलों अंबेडकर नगर से 75.60 लाख, सोनभद्र से 72.09 लाख तथा मऊ से 67.78 लाख रुपये वसूले जाने बाकी हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई चल रही है, जल्द ही इन जिलों की स्वास्थ्य समितियों से भी बकाए की रकम जमा करा ली जाएगी।
दरअसल, पहले एनएचएम के संविदा कर्मियों का पीएफ नहीं जमा कराने का फैसला हुआ था मगर शासन का यह फैसला 31 मार्च 2015 तक के लिए ही था। इसके बाद इसमें कोई फेरबदल नहीं किया गया। इस पर गोरखपुर और वाराणसी पीएफ कार्यालय ने एनएचएम के तहत 15 हजार से कम पाने वाले संविदा कर्मचारियों के एक अप्रैल 2015 से पीएफ की बकाया रकम जमा कराने की कार्रवाई शुरू की थी। कई बार पत्र लिखने के बाद भी जब स्वास्थ्य समितियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई तो संबंधित जगहों पर कार्रवाई शुरू हो गई। सुनवाई के बाद बकाया तय हुआ और फिर बकाया जमा करने के लिए संबंधित स्वास्थ्य समितियों को नोटिस भेजा था। तय समय के भीतर रकम नहीं जमा करने पर संबंधित जिलों की स्वास्थ्य समितियों के बैंक खाते सीज कर रकम निकाल ली गई है।
गोंडा, बलरामपुर के बैंक प्रबंधक को नोटिस
तय समय के भीतर एनएचएम के संविदा कर्मचारियों के पीएफ बकाए की रकम नहीं जमा करने पर क्षेत्रीय पीएफ कमिश्नर वीवीबी सिंह ने समितियों के खाते वाले बैंक मैनेजर को पत्र लिखकर सभी के खाते सीज करने के बाद उसमें से रकम निकालकर पीएफ कार्यालय में जमा कराने को कहा था। 10 जिलों के बैंक प्रबंधकों ने तो तत्काल कार्रवाई करी दी मगर गोंडा और बलरामपुर के संबंधित बैंक प्रबंधक ने हीलाहवाली की। इसपर पीएफ कमिश्नर ने दोनों को डीम्ड डिफाल्टर का नोटिस भेजते हुए कहा है कि क्यों न उनसे इस बकाए की वसूली कर ली जाए। उन्होंने दोनों को 30 जनवरी को कार्यालय में तलब किया है। गोंडा की स्वास्थ्य समिति पर 3.01 करोड़ और बलरामपुर पर 2.49 करोड़ रुपये बकाया है। बता दें कि सभी स्वास्थ्य समितियों के खाते एसबीआई में ही हैं।
तय समय के भीतर एनएचएम के संविदा कर्मचारियों के पीएफ का बकाया नहीं जमा करने पर संबंधित जिला स्वास्थ्य समितियों के बैंक खाते सीज कर लिए गए थे। 10 जिलों की स्वास्थ्य समितियों के बैंक खाते में बकाए की पूरी रकम मौजूद थी, लिहाजा खातों में मौजूद रकम में से बकाए की रकम निकाल ली गई है। दो जिलों के बैंक प्रबंधक रकम निकालने में लापरवाही कर रहे थे उनपर कार्रवाई की जा रही है।
- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर, गोरखपुर
वाराणसी जोन में हुई कार्रवाई
जिला स्वास्थ्य समिति बैंक से जब्त रकम
भदोही 61.23 लाख
मिर्जापुर 89.99 लाख
चंदौली 73.99 लाख
वाराणसी 1.52 करोड़
आजमगढ़ 83.83 लाख
जौनपुर 1.03 करोड़
गाजीपुर 52.51 लाख
गोरखपुर जोन में हुई कार्रवाई
जिला स्वास्थ्य समिति बैंक से जब्त रकम
बहराइच 3.07 करोड़
बलिया 3.31 करोड़
बलरामपुर 2.49 करोड़
बस्ती 2.70 करोड़
देवरिया 3.09 करोड़
गोंडा 3.01 करोड़
गोरखपुर 5.11 करोड़
कुशीनगर 3.02 करोड़
महराजगंज 3.09 करोड़
संतकबीरनगर 2.08 करोड़
श्रावस्ती 1.87 करोड़
सिद्धार्थनगर 2.25 करोड़