एनएचएम के तहत तैनात संविदा कर्मचारियों के पीएफ बकाये को लेकर 12 जिलों की स्वास्थ्य समितियों पर अब सख्ती की तैयारी है। क्षेत्रीय पीएफ कार्यालय गोरखपुर अगले सप्ताह तक इन समितियों के बैंक खाते अटैच कर सकता है। अगर खाते में बकाये के बराबर रकम मिली तो उसे निकाला भी जा सकता है।
बता दें कि गोरखपुर क्षेत्रीय पीएफ कार्यालय के तहत आने वाले 12 जिलों में एनएचएम के तहत तैनात संविदा कर्मचारियों को पीएफ जमा नहीं किया जा रहा था। इन जिलों में एक अप्रैल 2015 से पीएफ बकाये की देनदारी है। कई बार के पत्राचार के बाद भी जब जिला स्वास्थ्य समितियों ने इन्हें पीएफ देना शुरू नहीं किया तो पीएफ कमिश्नर वीवीबी सिंह के निर्देश पर कर्मचारी भविष्य अधिनियम की धारा सात ए के तहत सभी समितियों पर बकाया निर्धारण की कार्रवाई शुरू हो गई। सुनवाई पूरी होने पर इन जिलों पर पीएफ का करीब 35 करोड़ रुपये बकाया तय हुआ। इसे जमा करने के लिए सभी को 15 दिन की मोहलत दी गई मगर तकरीबन सभी जिलों की मियाद पूरी हो गई और किसी ने रकम नहीं जमा की।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक पीएफ महकमे ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिन जिलों के एनएचएम कर्मचारियों का पीएफ बकाया है उनमें गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती , संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया शामिल है।