फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शेल्टर होम बनाने गए अधिकारियों को लोगों ने दौड़ाया

Sat, 06 Feb 2016 10:19 PM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
लच्छीपुर वार्ड में ‘शेल्टर होम’ बनाने में नगर निगम को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए आवंटित जमीन को स्थानीय लोगों ने रामलीला की जमीन बताकर इस योजना पर अड़ंगा डाल दिया है। शनिवार को लोगों ने शेल्टर होम के लिए आवंटित जमीन की जांच के लिए पहुंचे जल निगम के सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) के अधिकारियों को दौड़ा लिया। संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ने भी अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी देते हुए बिना पुलिस बल के निर्माण कराने से हाथ खड़ा कर दिए हैं।
विज्ञापन


बता दें कि आसरा योजना के तहत लच्छीपुर में तकरीबन 1.76 करोड़ रुपये की लागत से 70 बेड का शेल्टर होम बनना है। डूडा के मार्फत बनने वाले इस शेल्टर होम में हॉल के अलावा कई अन्य व्यवस्थाएं की जानी हैं। लेकिन लच्छीपुर के जप्ती टोला के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यहां लंबे अरसे से रामलीला का आयोजन होता रहा है, लेकिन नगर निगम इसे दरकिनार करते हुए वहीं शेल्टर होम कराने पर अड़ा हुआ है।

वहीं, नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि वहां उपलब्ध जमीन के थोड़े ही हिस्से पर शेल्टर होम का निर्माण किया जाना है। इसके बाद भी लोग विरोध कर रहे हैं। पूर्व में भी नगर निगम के अधिकारियों को लोग वहां से लौटा चुके हैं। शनिवार को कार्यदायी संस्था जल निगम के सीएंडडीएस के अधिकारियों को भी उल्टे पांव लौटना पड़ गया। लोगों के विरोध को देखते हुए सीएंडडीएस के अधिकारियों ने इस परिस्थिति में काम करने में आपत्ति जताई है।
विज्ञापन


वहां इकट्ठा लोगों की भीड़ ने हमें दौड़ा लिया। लोगों के विरोध को देखते हुए हम वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कराने की स्थिति नहीं है। हमने डूडा को इस संबंध में पत्र लिखकर बिना पुलिस बल की मौजूदगी के निर्माण करने से मना कर दिया है।
- पीसी श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट मैनेजर

शेल्टर होम बनाने को लेकर वहां कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। सीएंडडीएस के अधिकारियों ने निर्माण कार्य में असमर्थता जताई है। निर्माण के लिए पुलिस प्रशासन से मदद मांगी गई है। आठ फरवरी को पुलिस बल मुहैया कराने की बात कही गई है। पुलिस बल के सहयोग से वहां निर्माण कार्य कराया जाएगा। साथ ही नगर निगम से किसी अन्य जमीन को उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
विज्ञापन

- तेज कुमार, परियोजना निदेशक, डूडा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें